Arrah Hartalika Teej : आरा समेत पूरे भोजपुर जिले में हरितालिका तीज श्रद्धा और उल्लास के साथ मनायी जा रही है. अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने 24 घंटे का निर्जला व्रत रखा है. सुबह से ही घरों में साफ-सफाई और पूजा की तैयारियां शुरू हो गयी थीं. शाम होते ही महिलाएं सज-धजकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा में जुट गयीं.
घरों में सुबह से शुरू हो गयी थी तैयारी
तीज व्रत को लेकर महिलाओं ने घरों और पूजा में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की साफ-सफाई की. पूजा सामग्री की खरीदारी रविवार को ही कर ली गयी थी. इसके बाद सोमवार को पूजा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया. घरों में पूजा स्थल तैयार कर श्रद्धा के साथ शिव-पार्वती की आराधना की गयी.
सुहागिनों ने मांगा अखंड सौभाग्य का वरदान
हरितालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखती हैं. वहीं, कुंवारी युवतियों ने भी व्रत रखकर मनचाहे और अच्छे वर की कामना की. शाम को महिलाओं ने शृंगार कर विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की तथा मंगल गीत गाये.
24 घंटे निर्जला रहकर करती हैं पूजा
तीज का व्रत कठिन व्रतों में माना जाता है. व्रती महिलाएं 24 घंटे तक बिना अन्न और जल ग्रहण किये व्रत रखती हैं. शाम को पूजा-अर्चना के दौरान महिलाओं ने तीज की पौराणिक कथा सुनी. पूजा के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं.
शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
घरों के अलावा जिले के विभिन्न मंदिरों में भी महिलाओं ने पूजा-अर्चना की. खासकर शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. महिलाएं पूजा की थाल लेकर मंदिरों तक पहुंचीं. नये वस्त्रों में सजी महिलाओं की कतार और हाथों में पूजा की थाल का दृश्य शहर और गांवों में पर्व की रौनक बढ़ाता नजर आया.
फल और सुहाग सामग्री का किया दान
व्रती महिलाओं ने पूजा के दौरान फल, खीरा, मिठाई, वस्त्र और सुहाग से जुड़ी सामग्री अर्पित की. अपनी क्षमता के अनुसार महिलाओं ने पूजा की सामग्री तैयार की और परंपरा के अनुसार दान-पुण्य किया. पूरे जिले में दिनभर आध्यात्मिक माहौल बना रहा.
मेहंदी की अलग-अलग कलाकृतियों से सजे हाथ
हरितालिका तीज को लेकर महिलाओं में शृंगार को लेकर भी खास उत्साह दिखा. महिलाओं ने हाथों में अलग-अलग डिजाइन और कलाकृतियों वाली मेहंदी लगायी. कई महिलाओं ने घर पर ही मेहंदी लगायी, जबकि कई महिलाएं बाजार पहुंचकर मेहंदी की दुकानों पर हाथ सजवाती नजर आयीं.
दुल्हन की तरह सजीं व्रती महिलाएं
तीज के अवसर पर महिलाओं ने नये कपड़े और आभूषण पहनकर शृंगार किया. मेहंदी से सजे हाथ, पारंपरिक परिधान और सुहाग सामग्री से महिलाओं का शृंगार पर्व की रौनक बढ़ा रहा था. घरों से लेकर मंदिरों तक तीज के गीत और पूजा-पाठ का माहौल बना रहा.
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