गुरु पूर्णिमा पर आरा में श्रद्धा के रंग में डूबे लोग, गंगा घाटों से मंदिरों तक उमड़ी आस्था की भीड़

गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी, मंदिरों में गुरु पूजन के साथ हुआ भव्य आयोजन। जानिए इस दिन का विशेष महत्व और पूरी जानकारी।

Arrah News : आरा जिले में गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. सुबह से ही शहर और ग्रामीण इलाकों में भक्तिमय माहौल देखने को मिला. गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं मंदिरों और आश्रमों में गुरु पूजन के कार्यक्रमों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया. हर तरफ गुरु महिमा के जयकारे और शंखध्वनि गूंजती रही.

इस खास अवसर पर लोगों ने अपने गुरु के प्रति सम्मान जताते हुए पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया. आषाढ़ पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर जिलेभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.

विद्यालयों और आश्रमों में दिखा खास उत्साह

गुरु पूर्णिमा के मौके पर जिले के कई विद्यालयों, आश्रमों और सामाजिक संगठनों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए. छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया. कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए, जिससे माहौल और भी खास बन गया.

आरा की बड़ी मठिया, उदासीन अखाड़ा जगदीशपुर और शाहपुर सहित कई प्रमुख आश्रमों में गुरु पूजन के भव्य आयोजन किए गए. इसके अलावा पतंजलि संस्थान, जैन मंदिर और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठनों ने भी गुरु पूर्णिमा को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए, जहां श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया.

गंगा घाटों पर उमड़ी आस्था की भीड़

गुरु पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है. इसे लेकर सुबह होते ही श्रद्धालु गंगा घाटों की ओर निकल पड़े. लोगों ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया और अपने गुरु की पूजा की.

घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि हर तरफ लोगों का जमावड़ा देखने को मिला. स्नान के बाद लोगों ने दान-पुण्य किया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. इस दौरान पूरा माहौल भक्ति में डूबा नजर आया.

मंदिरों में दिनभर लगा रहा भक्तों का तांता

नगर के मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं. स्नान के बाद श्रद्धालु सीधे मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. पंडितों द्वारा विशेष पूजा कराई गई और लोगों ने गुरु के महत्व को याद करते हुए उनका आशीर्वाद लिया.

मंदिर परिसर गुरु के जयकारों से गूंजता रहा. हर तरफ भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला. सड़कों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई, जिससे पूरा शहर आध्यात्मिक रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया.

गुरु का महत्व सबसे ऊपर

हिंदू परंपरा में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया है. माना जाता है कि गुरु ही जीवन में सही मार्ग दिखाते हैं और अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, जिनकी स्मृति में गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है.


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By Narendra Prasad Sin

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