आरा से नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट
Arrah News : जिले में बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ रहे हैं और सदर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है.
तेज गर्मी और उमस के कारण लोग डिहाइड्रेशन, बुखार, लू (हीटस्ट्रोक), डायरिया, फूड पॉइजनिंग तथा त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे घमौरियां और रैशेज से प्रभावित हो रहे हैं. चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी होना सबसे बड़ी समस्या बन रही है.
सदर अस्पताल में रोज डिहाइड्रेशन के 4 से 5 मरीज आ रहे
जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल में प्रतिदिन 4 से 5 डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं. इनमें कई मरीज बुखार और लू के लक्षणों से भी ग्रसित हैं.
अस्पताल प्रबंधक शशि कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले जब बारिश नहीं हो रही थी, तब प्रतिदिन औसतन 10 से 12 मरीज लू और उससे संबंधित बीमारियों के कारण अस्पताल पहुंच रहे थे. उन्होंने बताया कि वर्तमान में मरीजों की संख्या थोड़ी कम हुई है.
प्रखंडों और निजी अस्पतालों में भी असर
हालात यह हैं कि केवल सदर अस्पताल ही नहीं, बल्कि प्रखंड स्तरीय सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में भी ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है. चिकित्सकों के अनुसार, लू और गर्मी से बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है.
विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि भीषण गर्मी में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, नींबू पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें तथा शरीर को हाइड्रेटेड रखें. उन्होंने कहा कि लापरवाही करने पर स्थिति गंभीर हो सकती है.
भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित
लगातार बढ़ते तापमान से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. पैदल चलने वाले लोगों के लिए स्थिति और कठिन हो गई है. लोग गर्मी को लेकर परेशान हैं और घर के अंदर भी राहत नहीं मिल रही है. कई लोगों का कहना है कि ऐसा लग रहा है जैसे आसमान से आग बरस रही है.
Also Read: पटना के इस ऐतिहासिक मंदिर का होगा कायाकल्प, एसडीओ ने अतिक्रमणकारियों को दिया 4 दिन का अल्टीमेटम
