भोजपुर के बड़हरा प्रखंड क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट जारी है. शुक्रवार की शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 53.04 मीटर दर्ज किया गया. जल संसाधन विभाग के अनुसार, यह खतरे के निशान से 4 सेंटीमीटर नीचे है.
जलस्तर में लगातार कमी आने से गंगा किनारे बसे लोगों के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. हालांकि निचले इलाकों में अब भी कई जगहों पर बाढ़ का पानी जमा रहने से लोगों की परेशानी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है.
12 घंटे में 9 सेंटीमीटर घटा जलस्तर, खतरे के निशान से आया नीचे
जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता आशीष कुमार रंजन ने बताया कि शुक्रवार की सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 53.13 मीटर दर्ज किया गया था.
इसके बाद अगले 12 घंटे में जलस्तर में 9 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई, और शाम छह बजे यह घटकर 53.04 मीटर पर पहुंच गया. लगातार पानी घटने को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है.
निचले इलाकों में अब भी जमा है पानी, आवागमन व पशु चारे की बनी है समस्या
गंगा के जलस्तर में कमी आने के बावजूद प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी अभी कई स्थानों पर जमा है.
इससे ग्रामीणों को आवागमन, पशुओं के चारा और दैनिक जरूरतों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी घटने की रफ्तार बनी रही तो आने वाले दिनों में स्थिति में और सुधार होने की उम्मीद है.
अलर्ट मोड पर प्रशासन, जलस्तर की स्थिति पर रखी जा रही लगातार नजर
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट के बावजूद प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. तटवर्ती और निचले इलाकों में जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है. ग्रामीणों को भी किसी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने और जलस्तर में होने वाले बदलाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.
जनजीवन जल्द सामान्य होने की बढ़ी उम्मीद
जलस्तर के खतरे के निशान से नीचे आने के बाद बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार की संभावना बढ़ी है. यदि गंगा के जलस्तर में इसी तरह गिरावट जारी रही, तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन जल्द बहाल होने की उम्मीद है.
