Arrah Ganges Erosion : आरा के बड़हरा प्रखंड के पिपरपांती गांव में गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही कटाव एक बार फिर तेज हो गया है. सोमवार की रात नदी किनारे कटाव की चपेट में आने से एक पक्का मकान देखते ही देखते गंगा की धारा में समा गया. घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और नदी किनारे रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गयी.
कुछ ही देर में गंगा में विलीन हो गया मकान
ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार की रात नदी किनारे कटाव अचानक तेज हो गया. इसकी चपेट में पहले पक्के मकान का बड़ा हिस्सा आया और कुछ ही देर में पूरा मकान गंगा की तेज धारा में विलीन हो गया. मकान के नदी में समाने के बाद आसपास रहने वाले परिवार अपने घर और जमीन की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.
रात में भी कटाव वाले इलाके पर रख रहे नजर
मकान नदी में समाने की घटना के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गयी है. नदी किनारे रहने वाले परिवार रात में भी कटाव प्रभावित इलाके पर नजर रख रहे हैं. ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटाव की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो आसपास के अन्य मकानों और जमीन को भी नुकसान पहुंच सकता है.
जलस्तर बढ़ने के साथ ही शुरू हुआ था कटाव
ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही गांव में कटाव शुरू हो गया था. पानी काफी बढ़ जाने के बाद कुछ समय के लिए कटाव की रफ्तार कम हो गयी थी. अब जलस्तर घटने के साथ नदी की धारा का दबाव किनारे की ओर बढ़ गया है, जिससे कटाव फिर तेज हो गया है.
बाढ़ के बाद अब कटाव ने बढ़ायी परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ के दौरान उन्हें दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ता है. जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ का पानी घरों और सड़कों को प्रभावित करता है, जबकि पानी घटने के बाद नदी किनारे कटाव का खतरा बढ़ जाता है. इस बार भी बाढ़ की परेशानी के बाद अब कटाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है.
आबादी और बचे मकानों को बचाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से पिपरपांती में तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो नदी किनारे बसे परिवारों के सामने घर और जमीन बचाने का संकट और गहरा सकता है. ग्रामीणों ने कटाव प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की भी मांग की है.
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