बाढ़ राहत सूची में गड़बड़ी का आरोप, माले ने अनुश्रवण समिति की बैठक बुलाने की मांग की

आरा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद, सीपीआई (एमएल) नेता क्यामुद्दीन अंसारी ने बाढ़ राहत सूची में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया है. उन्होंने तत्काल अनुश्रवण समिति की बैठक बुलाने और हर बाढ़ पीड़ित परिवार को 10 हजार रुपये की तत्काल सहायता देने की मांग की है.

Arrah News : आरा जिले के भाकपा माले राज्य स्थायी समिति सदस्य और आरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी क्यामुद्दीन अंसारी ने आरा प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने महुली, कड़ारी, धोबहां समेत कई गांवों का दौरा किया. इस दौरान युवा नेता मुकुल यादव और नीतीश कुमार कुशवाहा भी मौजूद रहे.

बाढ़ राहत सूची में गड़बड़ी का आरोप

क्यामुद्दीन अंसारी ने कहा कि आरा प्रखंड की बाढ़ आपदा सूची में भारी गड़बड़ी है. उन्होंने इस संबंध में आरा सदर एसडीओ से दूरभाष पर बात की. उन्होंने मांग की कि आरा सदर प्रखंड में शीघ्र अनुश्रवण समिति की बैठक बुलाकर बाढ़ राहत आपदा सूची को पारित किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रखंड अनुश्रवण समिति की बैठक से पहले पंचायत अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित कर सूची को पारित किया जाना चाहिए. इसके बाद ही बाढ़ राहत का वितरण किया जाए.

प्लास्टिक किट के लिए पहुंचीं महिलाएं लौटीं निराश

माले नेता ने आरा अंचल कार्यालय द्वारा प्लास्टिक किट वितरण में भारी अनियमितता का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बसंतपुर और महकमपुर बारा से बड़ी संख्या में महिलाएं प्लास्टिक किट लेने के लिए प्रखंड कार्यालय पहुंची थीं. लेकिन अंचलाधिकारी के मौजूद नहीं रहने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा. उन्होंने प्रखंड मुख्यालय पहुंची बाढ़ पीड़ित महिलाओं को संबोधित करते हुए जल्द अनुश्रवण समिति की बैठक बुलाने की मांग की.

हर बाढ़ पीड़ित परिवार को 10 हजार रुपये देने की मांग

क्यामुद्दीन अंसारी ने बिहार सरकार से प्रत्येक बाढ़ पीड़ित परिवार को दो माह का राशन और 10 हजार रुपये की सहायता देने की मांग की. उन्होंने फसल क्षतिपूर्ति के लिए प्रति एकड़ 25 हजार रुपये मुआवजा देने की भी मांग की.

किसानों और बटाईदारों को मिले फसल क्षतिपूर्ति

उन्होंने कहा कि गंगा नदी में आयी भयावह बाढ़ से किसानों की करोड़ों रुपये की फसल बर्बाद हुई है. ऐसे में किसानों के साथ-साथ मनी, भउली और बटाई पर खेती करने वाले बटाईदार किसानों को भी फसल क्षतिपूर्ति राशि दी जानी चाहिए. उन्होंने सरकार से बाढ़ प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की.

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By Prabhat khabar news desk

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