विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत संचालित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, आरा में आईआईएम बोधगया के सहयोग से वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें बचत, निवेश एवं वित्तीय प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाना था.
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की प्राचार्या डॉ. अनामिका, डीन डॉ. पंकज श्रीवास्तव, आईआईएम बोधगया के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव वर्मा तथा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट पदाधिकारी प्रो. अमृतांशु रौशन द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.
डीन डॉ. पंकज श्रीवास्तव का संबोधन
अतिथि का स्वागत करते हुए डीन डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने उन्हें हरित पौधा भेंट किया तथा अपने संबोधन में “पावर ऑफ कंपाउंडिंग” को “दुनिया का आठवां अजूबा” बताते हुए कहा कि नियमित बचत, अनुशासित निवेश और धैर्य दीर्घकालीन आर्थिक समृद्धि की कुंजी हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से कम उम्र से ही निवेश एवं वित्तीय अनुशासन अपनाने का आह्वान किया.
मुख्य वक्ता अभिनव वर्मा का सत्र और मूल्यांकन
मुख्य वक्ता श्री अभिनव वर्मा ने 30 मिनट के प्रभावी एवं संवादात्मक सत्र में व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन, बजट निर्माण, बचत, म्यूचुअल फंड, स्मार्ट निवेश, निवेशक सुरक्षा तथा SEBI की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी.
सत्र के उपरांत प्रतिभागियों की समझ का मूल्यांकन करने के लिए इन्वेस्टर अवेयरनेस असेसमेंट आयोजित किया गया, जिसमें सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए.
प्राचार्या और प्लेसमेंट पदाधिकारी के विचार
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. अनामिका ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ वित्तीय साक्षरता भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है. वहीं प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट पदाधिकारी प्रो. अमृतांशु रौशन ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में वित्तीय जागरूकता युवाओं को बेहतर आर्थिक निर्णय लेने तथा सफल करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ संकाय सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने निवेश, वित्तीय योजना एवं धन सृजन से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया.
