तरारी.
प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालय में शुक्रवार को सातवीं लघु सिंचाई गणना और कृषि उत्पादकता के मुद्दे पर बीडीओ कुंदन कुमार के नेतृत्व में कृषि विभाग की बैठक की गयी. बैठक में बीडीओ आयुष मिश्रा, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार मौजूद थे. बैठक में मुख्य रूप से सातवीं लघु सिंचाई गणना जिसमें सतही और भूमिगत सिंचाई के साधनों की पंचायत वार गणना की जाती है. पंचायत में तालाब, आहर, बोरिंग आदि सिंचाई के साधनों की गणना कर सरकार को रिपोर्ट की जाती है. इस विषय पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई. क्रॉप कटिंग के माध्यम से प्रखंड में धान की उत्पादकता पर चर्चा हुई. बैठक में कृषि सलाहकार और कृषि समन्वयक के द्वारा बताया गया की क्रॉप कटिंग के माध्यम से प्रखंड में 55 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से धान की उत्पादकता निर्धारित की गयी है. प्रखंड में प्रत्येक पंचायत में यह दर कुछ अलग-अलग निर्धारित है. कहीं 55 है तो कहीं 60 क्विंटल प्रति हेक्टर धान की उत्पादन हुई है. बैठक में विभाग द्वारा दी गयी गेहूं और चना के बीच के अंकुरण पर किसानों द्वारा की गयी शिकायत पर मंथन किया गया. बैठक में चर्चा हुई कि बीज अंकुरण में इस बार समस्या हुई है. किसानों की शिकायत के आधार पर बैठक में यह तय हुआ की इसकी शिकायत जिला और सरकार के पास इसकी रिपोर्ट की जानी चाहिए. सहकारिता पदाधिकारी ने कहा कि कृषि उत्पादकता के आधार पर प्रखंड में पैक्स को लक्ष्य निर्धारित किया जाता है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी आयुष मिश्रा, सहकारिता पदाधिकारी प्रखंड कृषि समन्वयक किसान सलाहकार बैठक में कृषि से संबंधित और कई मुद्दे पर चर्चा की.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
