भोजपुर जिले के बिहिया प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को हुई पंचायत समिति की समीक्षा बैठक हंगामेदार रही. बैठक में षष्ठम और 16वें वित्त आयोग की योजनाओं की विभागवार समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों का गुस्सा पेयजल संकट को लेकर फूट पड़ा.
वहीं महत्वपूर्ण बैठक से कई अधिकारियों के नदारद रहने पर सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने का प्रस्ताव पारित किया.
पेयजल संकट और नल-जल योजना पर हंगामा
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि प्रखंड के अधिकांश पंचायतों में नल-जल योजना ठप पड़ी है. पीएचईडी द्वारा लगाए गए सरकारी चापाकल भी देखरेख और मरम्मत के अभाव में महीनों से खराब पड़े हैं. ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. पिछली बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था, लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ.
मौजूद पीएचईडी के कनीय अभियंता को सदस्यों ने जमकर फटकार लगाई और अविलंब सभी बंद पड़ी योजनाओं को चालू कराने का निर्देश दिया. इसके अलावा बैठक में मनरेगा के तहत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
अनुपस्थित अधिकारियों पर शो-कॉज नोटिस का निर्णय
बैठक में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), अंचलाधिकारी (सीओ), बिजली विभाग के कनीय अभियंता और प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर सदस्यों ने कड़ा एतराज जताया. सर्वसम्मति से इन चारों अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया.
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बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि
मौके पर बीडीओ अर्चना वर्मा, प्रखंड प्रमुख, उपप्रमुख मुकेश कुमार, बीडीसी सदस्य लाल बहादुर महतो, शशिभूषण सिंह, मुखिया शिव कुमार यादव, विरेन्द्र सिंह, किरण देवी, सकीला खातून समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के कर्मी उपस्थित थे.
