भरत तिवारी एनकाउंटर केस : मां और रिश्तेदार ने दर्ज कराई दो FIR, धमकी और मारपीट का आरोप

शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नया विवाद सामने आया है. भरत तिवारी की मां आशा देवी और उनके ममेरे भाई अंशु कुमार चौबे उर्फ लव चौबे ने शाहपुर थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें मारपीट, धमकी देने और सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है.

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक नया विवाद प्रकाश में आया है. भरत तिवारी के ममेरे भाई और सिकरिया गांव निवासी अंशु कुमार चौबे उर्फ लव चौबे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है.

बिलौटी गांव के लोगों द्वारा ही मारपीट किए जाने से इस मामले में नया मोड़ आ गया है, जो जांच का विषय है. भरत तिवारी के परिजनों द्वारा मुख्यमंत्री से मिलने के बाद यह नया घटनाक्रम शुरू हुआ है.

भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भी अपने बयान में इस बात का जिक्र किया है. इस मामले में आशा देवी और अंशु कुमार चौबे उर्फ लव चौबे द्वारा शाहपुर थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं.

मां आशा देवी ने दर्ज कराई पहली प्राथमिकी

आशा देवी ने अपने बयान में लिखा है कि मैं अपने परिवार के साथ कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री से मिलने गई थी. मेरा एक रिश्तेदार, जो इस पूरे केस को देख रहा है, के मोबाइल पर 28 जुलाई 2026 को सुबह करीब 8:17 बजे तथा अन्य तिथियों पर अलग-अलग नंबरों से अपशब्द और जान से मारने की नीयत से धमकियां दी जा रही हैं.

सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी मुझे, मेरी बहू एवं मेरी बेटी का नाम लेकर अश्लील मैसेज, गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है. गंदे-गंदे शब्दों तथा "कितने में बिक गई हो" जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

आशा देवी ने अपने बयान में अपने ही गांव के दो लोगों सरोज त्रिपाठी एवं पंकज त्रिपाठी पर इस पूरे प्रकरण का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने लिखा है कि अगर मेरे परिवार के किसी भी सदस्य या मेरे रिश्तेदार लव कुमार को कुछ भी होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सरोज त्रिपाठी एवं पंकज त्रिपाठी की होगी. उन्होंने केस के गवाहों को भी धमकाने का आरोप लगाया है.

रिश्तेदार अंशु कुमार चौबे ने दर्ज कराई दूसरी प्राथमिकी

वहीं, दूसरी प्राथमिकी तीयर थाना क्षेत्र के सिकरिया गांव निवासी रामाशंकर चौबे के पुत्र अंशु कुमार चौबे उर्फ लव चौबे द्वारा दर्ज कराई गई है.

अंशु कुमार चौबे ने अपने बयान में लिखा है कि मैं अपनी बुआ के घर बिलौटी आया था. विगत कुछ दिनों से भरत तिवारी हत्याकांड में गवाहों को आरा न्यायिक जांच आयोग में गवाही दिलवाने ले जाता हूं तथा आरा सिविल कोर्ट में गवाही कराने जाता हूं.

28 जुलाई 2026 को शाम करीब 6:15 बजे अमरीश कुमार तिवारी तथा उनके पिता उमेश तिवारी उर्फ मास्टर तिवारी ने लोहे के रॉड और घूंसों से जान से मारने की नीयत से हमला कर मुझे जख्मी कर दिया. इसके पूर्व में भी मोबाइल पर देख लेने की धमकी दी गई थी. घटना के समय चार-पांच अन्य लोग भी हाथ में पिस्तौल लेकर वहां खड़े थे.

विदित हो कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिलौटी, आसपास के गांवों सहित क्षेत्र के सभी लोग शुरुआत में भरत तिवारी के परिजनों के साथ खड़े थे, लेकिन अब इस नए घटनाक्रम के बाद आपसी विवाद का मामला उभरकर सामने आया है.

इस संबंध में थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.


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By Mithilesh kr

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