Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर उनकी मां और बहन की तरफ से कई दावे किए जा रहे हैं. भरत तिवारी के परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए. पहले मां ने दोषियों को फांसी देने की मांग की. अब बहन ने पूरी घटना को लेकर कई दावे किए हैं. बहन ने मीडिया के सामने दावा किया कि भरत तिवारी के प्राइवेट पार्ट में गोली मारी गई.
दोषी पुलिसकर्मियों की फांसी की मांग
मीडिया से बातचीत करते हुए भरत तिवारी की बहन ने दावा किया कि जब भरत को पटना के अस्पताल में रेफर किया गया तब पुलिस वहां उसे मुर्दों के साथ लिटाकर चली गई. बहन ने भी दोषी पुलिसकर्मियों की फांसी की मांग की. उन्होंने कहा, सस्पेंड करने से क्या होगा. कुछ महीने के बाद वे वापस आ जायेंगे. लेकिन मेरा भाई वापस नहीं आएगा. इसलिए पुलिसवालों को सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा बल्कि उन्हें फांसी दी जाए.
बहन का दावा- भरत को मारी 5 गोलियां
भरत की बहन ने यह भी दावा किया कि भरत को पांच गोलियां सटाकर मारी गई. उसे प्राइवेट पार्ट में गोली मारी. चार गोली उसके अंदर रह गई और एक गोली शरीर के आर-पार हो गई. इतना ही नहीं, उसे खूब पीटा गया. घटना के दौरान मां और भाभी ने पुलिसवालों को रोकना चाहा लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से भगा दिया. काफी देर तक भरत को मारने के बाद उठने नहीं दिया. किसी भी परिवार के सदस्य को उसके पास नहीं जाने दिया और इसके बाद उसे आरा लेकर चले गए.
बहन का दावा- मुर्दों के पास भरत को छोड़ा
बहन ने पटना आने के बाद क्या कुछ हुआ, इसके बारे में भी मीडिया के सामने जानकारी दी. भरत तिवारी की बहन ने कहा, जब परिजन आरा पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि भरत का इलाज चल रहा है लेकिन कुछ देर बाद पुलिस उसे पटना लेकर चली गई. वहीं पहुंचे तो पता चला कि पुलिस भरत को मुर्दे के पास लिटाकर चली गई है.
बहन ने बताया कि उसने पटना पहुंचने पर डॉक्टर से पूछा कि भरत नाम का कोई शख्स आया था क्या? काफी देर तक पता नहीं चला लेकिन एक डॉक्टर ने भरत के बारे में जानकारी दी. फिर भरत के इलाज के बारे में पूछा गया. तब डॉक्टर ने बताया कि पुलिसवाले उसे अस्पताल छोड़कर चले गए. इस तरह से कई दावे बहन ने मीडिया के सामने किए.
