Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. इस बीच मृतक के भाई चंदन तिवारी ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मामले में जांच की जरूरत नहीं है, बल्कि इसमें शामिल लोगों को तुरंत आरोपित कर जेल भेजा जाना चाहिए.
“सब कुछ सामने है, जांच की जरूरत नहीं”
चंदन तिवारी ने कहा कि घटना से जुड़ी पूरी तस्वीर लोगों के सामने है. उन्होंने कहा, “हमें जांच से कोई लेना-देना नहीं है. जो भी इसमें शामिल है, उसे तुरंत आरोपित करके जेल में डाल देना चाहिए. सब कुछ स्पष्ट है और सब कुछ लाइव दिखाई दे रहा है.”
आत्मसमर्पण के बाद कार्रवाई का आरोप
मृतक के भाई ने दावा किया कि उन्होंने और अन्य लोगों ने भरत भूषण तिवारी को पुलिस और अधिकारियों से घिरा हुआ देखा था. उनके अनुसार, भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था और आत्मसमर्पण की स्थिति में थे.
चंदन तिवारी का आरोप है कि इसके बाद अधिकारियों ने उनसे बातचीत की और कहा, “भारत जी, हमें आपसे आत्मसमर्पण की उम्मीद थी.” उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया, लेकिन कुछ दूरी पर ले जाने के बाद अचानक उन्हें धक्का दिया गया.
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
परिजनों का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. वहीं इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
जांच रिपोर्ट का इंतजार
उधर प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी होने की बात कही जा रही है. घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच रिपोर्ट और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी.
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