Arrah News (कोईलवर से दीपक की रिपोर्ट): एक तरफ भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है, वहीं दूसरी ओर रसोई गैस की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है. करीब 40 डिग्री तापमान के बीच युवा, बुजुर्ग और महिलाएं घर का जरूरी कामकाज छोड़ गैस सिलिंडर पाने की उम्मीद में घंटों कतार में खड़े रहे, लेकिन कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा.
तपती धूप में चार-चार घंटे तक लाइन में लगे रहने के बावजूद दर्जनों लोगों को जानकी इंडियन गैस एजेंसी द्वारा यह कहकर वापस भेज दिया गया कि सिलिंडर खत्म हो गया है. गर्मी और प्यास से बेहाल उपभोक्ताओं में एजेंसी और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश देखा गया.
मजदूरों की छूटी कमाई, उपभोक्ताओं में नाराजगी
उपभोक्ता श्यामबाबू ने बताया कि वे सुबह से लाइन में खड़े थे. भूखे-प्यासे इंतजार करते रहे, लेकिन आखिर में उन्हें सिलिंडर नहीं मिला. उन्होंने कहा कि वे ठेला चलाकर परिवार का पेट पालते हैं, लेकिन आधा दिन गैस लेने की कोशिश में बर्बाद हो गया और मजदूरी भी छूट गई. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी एसी कमरों में बैठकर आदेश जारी कर देते हैं, लेकिन आम जनता किस हाल में धूप में खड़ी रहती है, इसकी चिंता किसी को नहीं है.
80 सिलिंडर पहुंचे, सैकड़ों लोग लाइन में
उपभोक्ताओं का आरोप है कि सुबह से ही सैकड़ों लोग लाइन में लगे थे, जबकि एजेंसी में मात्र 80 सिलिंडर का ही लोड पहुंचा था. लोगों का कहना है कि मांग ज्यादा होने के बावजूद पर्याप्त सिलिंडर की व्यवस्था नहीं की गई. वितरण भी देर से शुरू हुआ और कुछ ही देर में स्टॉक खत्म होने की घोषणा कर दी गई. हालात ऐसे बन गए कि जिन्हें सिलिंडर मिल गया वे खुद को खुशकिस्मत मानते दिखे, जबकि बाकी लोगों को अगले दिन फिर लाइन लगाने की बात कहकर लौटा दिया गया.
उपभोक्ताओं ने दी सड़क जाम की चेतावनी
सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि वे सुबह 7:30 बजे से लाइन में लगे थे. उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से गैस वितरण नहीं हुआ था और आज सीमित मात्रा में सिलिंडर उपलब्ध कराया गया. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो लोगों के पास सड़क जाम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. वहीं अजय प्रसाद गुप्ता ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि डीएम खुद मौके पर आकर देखें कि गैस के लिए कैसी मारामारी मची हुई है. उन्होंने कहा कि सुबह 6 बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन दोपहर तक गैस नहीं मिला और अब कर्मी कह रहे हैं कि स्टॉक खत्म हो गया.
कूपन इनवैलिड बताकर लौटाने का आरोप
कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि गैस का कूपन कटने के बाद उसे इनवैलिड बताकर सिलिंडर नहीं दिया जा रहा है, जबकि बाद में मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज भेज दिया जाता है. इसके बाद उपभोक्ताओं को फिर से लाइन में लगना पड़ रहा है. गैस उपभोक्ता अमरेश कुमार ने बताया कि डीएसी नंबर 12 घंटे के अंदर आ रहा है और फिर कैंसिल हो जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोग सुबह 4 बजे से लाइन में लग रहे हैं और जब दोपहर तक उनकी बारी आती है तो कहा जाता है कि गैस खत्म हो गया है.
प्रशासन की एडवाइजरी पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि भीषण गर्मी को लेकर जिला प्रशासन लगातार एडवाइजरी जारी कर रहा है कि लोग दोपहर में घरों से बाहर न निकलें और लू से बचाव करें, लेकिन गैस जैसी जरूरी सुविधा के लिए लोगों को घंटों धूप में खड़ा रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है. उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, ताकि महिलाओं, बुजुर्गों और मजदूर वर्ग को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके.
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