आरा जंक्शन में बाढ़ का फर्जी AI वीडियो वायरल, यात्रियों में फैली दहशत; RPF ने दी कार्रवाई की चेतावनी

सोशल मीडिया पर आरा जंक्शन में बाढ़ के फर्जी AI वीडियो से लोगों में भ्रम और दहशत फैल गई है. इस भ्रामक वीडियो पर आरपीएफ ने कार्रवाई की चेतावनी दी है और आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की है.

Arrah Junction Fake AI Video : भोजपुर(आरा) जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार किया गया एक फर्जी वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद लोगों में भ्रम और दहशत का माहौल बन गया है.

वायरल वीडियो में आरा जंक्शन परिसर में घुटने तक पानी भरा हुआ दिखाया गया है और एक व्यक्ति को सिर पर सामान रखकर पानी के बीच से गुजरते हुए दिखाया गया है. वीडियो पर ‘आरा जंक्शन में पानी ही पानी’ लिखा हुआ है. हालांकि, तस्वीर/वीडियो पर ही ‘एआई कांटेंट’ का उल्लेख भी दिखाई दे रहा है.

भ्रामक वीडियो से यात्रियों में बढ़ी चिंता

सोशल मीडिया पर वायरल इस भ्रामक सामग्री को देखकर भोजपुर जिले के रहने वाले लोगों के साथ-साथ आरा जंक्शन से होकर यात्रा करने वाले यात्रियों में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.

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कई लोग इसे वास्तविक दृश्य समझकर आरा जंक्शन और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंतित नजर आए. वहीं, फर्जी वीडियो के माध्यम से लोगों के बीच भ्रम फैलाए जाने को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है.

एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल

बताया जा रहा है कि एआई तकनीक का दुरुपयोग कर तैयार किए गए ऐसे वीडियो वास्तविक घटनाओं का रूप देकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों के बीच गलत सूचना पहुंच रही है.

खासकर रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील और यात्रियों से जुड़े स्थानों को लेकर इस तरह की भ्रामक सामग्री परेशानी बढ़ा सकती है.

आरपीएफ की चेतावनी और आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील

इस संबंध में आरपीएफ प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी वीडियो या तस्वीर को बिना सत्यापन किए सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करें.

रेलवे से जुड़े किसी भी घटनाक्रम की जानकारी के लिए यात्रियों को आधिकारिक रेलवे माध्यमों एवं संबंधित अधिकारियों से प्राप्त सूचना पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हर तस्वीर या वीडियो को सच मान लेना उचित नहीं है.

फर्जी वीडियो से बढ़ रही परेशानी

तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच एआई से तैयार तस्वीरों और वीडियो की पहचान आम लोगों के लिए मुश्किल होती जा रही है.

ऐसे में किसी घटना को लेकर भय या भ्रम फैलाने वाली सामग्री तेजी से वायरल होने पर उसका असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ सकता है. आरा जंक्शन से जुड़ा यह वीडियो भी इसी तरह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

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By आशुतोष पांडेय

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