Arrah News : (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट ) आरा शहर को नगर निगम का दर्जा मिले करीब 18 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन आज भी यहां के लोग बुनियादी सुविधा सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम से वंचित हैं. बरसात का मौसम आते ही हालात और खराब हो जाते हैं. जगह-जगह जलजमाव, सड़कों पर बहता गंदा पानी और बदबू से लोगों का जीना मुश्किल हो जाता है. नगरवासियों का आरोप है कि नगर निगम और सरकार की ओर से बार-बार सिर्फ आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीन पर कोई ठोस काम नहीं दिखा.
स्थानीय लोगों में अब इस मुद्दे को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है. लोगों का कहना है कि टैक्स तो समय पर लिया जाता है, लेकिन सुविधा देने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है.
ड्रेनेज सिस्टम के बिना शहर की हालत खराब
नगर निगम का दर्जा पाने वाले किसी भी शहर के लिए ड्रेनेज सिस्टम बेहद जरूरी होता है. यह व्यवस्था शहर में बारिश के पानी और गंदे पानी को सही तरीके से बाहर निकालने का काम करती है. इसमें पाइपलाइन, नालियां और अन्य संरचनाएं शामिल होती हैं, जिससे जलजमाव नहीं होता और सड़कों व घरों को नुकसान से बचाया जा सकता है.
लेकिन आरा में इस तरह की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है. बारिश के बाद कई इलाकों में पानी दिनों तक जमा रहता है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.
सीवरेज सिस्टम से मिल सकती है राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर शहर में सही तरीके से सीवरेज सिस्टम बनाया जाए तो गंदे पानी की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है. यह सिस्टम घरों और उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को सुरक्षित तरीके से ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाता है. इससे न केवल सफाई बनी रहती है, बल्कि जलजनित बीमारियों पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है.
सीवरेज और ड्रेनेज दोनों सिस्टम मिलकर शहर को साफ और स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. लेकिन आरा में इनकी कमी साफ तौर पर दिख रही है.
अतिक्रमण और संकरी सड़कें बनी बड़ी बाधा
शहर में सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम नहीं बनने की एक बड़ी वजह अतिक्रमण और संकरी सड़कें भी बताई जा रही हैं. सड़कों पर ठेले, गुमटी और अस्थायी दुकानें इस कदर फैली हुई हैं कि वहां किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए जगह ही नहीं बचती.
नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है. अब तक शहर में जरूरत के हिसाब से वेंडिंग जोन भी विकसित नहीं किया जा सका है, जिससे समस्या और जटिल हो गई है.
क्या कहते हैं शहर के लोग
स्थानीय निवासी पीयूष पुष्कर का कहना है कि नगर निगम केवल टैक्स वसूलने में सक्रिय है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान नहीं देता. उन्होंने कहा कि बजट में बार-बार योजनाएं पास होती हैं, लेकिन उनका फायदा लोगों तक नहीं पहुंचता.
वहीं डॉ ज्योतिन्द्र जयेन्द्र का कहना है कि शहर में हर हाल में सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम बनना चाहिए. खासकर बरसात के दिनों में लोगों को काफी परेशानी होती है. जलजमाव और गंदे पानी से निजात दिलाना जरूरी है.
नगर निगम का क्या है जवाब
इस पूरे मामले पर उपनगर आयुक्त जमाल अख्तर अंसारी का कहना है कि इस दिशा में विचार किया जाएगा. उन्होंने माना कि यह एक जरूरी सुविधा है और इसके निर्माण से शहर के लोगों को राहत मिलेगी.
आगे क्या
आरा शहर में सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम की कमी अब एक बड़ी समस्या बन चुकी है. अगर समय रहते इस पर ठोस पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है. नगरवासियों को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी काम की उम्मीद है. प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती भी है और जिम्मेदारी भी कि शहर को बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जाए.
