जोगबनी (अररिया) . भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी की कार्यशैली को लेकर जोगबनी में आक्रोश बढ़ गया है. दो वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों ने एसएसबी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. पहला वीडियो-तस्करी खुलेआम, कोई रोक-टोक नहीं
वायरल हो रहे पहले वीडियो में एक महिला लाइनर महिला मजदूरों से बोरियों को सीमा पार कर जोगबनी लाती नजर आ रही है. आरोप है कि इस दौरान मौके पर एसएसबी का कोई जवान मौजूद नहीं था. स्थानीय लोगों का कहना है कि जेपी द्वार के पास दिनभर दर्जनों महिला तस्कर सक्रिय रहती हैं और टिकुलिया जाने वाली मुख्य सड़क को जाम कर देती हैं, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं होती.
दूसरा वीडियो-आम महिला की जांच से आक्रोश
दूसरे वीडियो में चाणक्य चौक पर शुक्रवार को नेपाल से स्कूटी से आ रही दो आम महिलाओं को एसएसबी के पुरुष जवानों ने काफी देर तक रोककर जांच की. इससे लोग भड़क गए. महिलाओं का कहना है आसपास से कई लोग सामान लेकर आ-जा रहे थे, लेकिन हमें ही जानबूझकर परेशान करने के लिए रोका गया. सबसे बड़ा मुद्दा महिलाओं की जांच पुरुष जवानों द्वारा किए जाने को लेकर है. जनप्रतिनिधियों की कड़ी आपत्ति
इस मामले में जोगबनी मुख्य पार्षद रानी देवी और रोहित यादव ने कड़ी आपत्ति जताई है. कहा कि "एसएसबी जवान जनप्रतिनिधियों को टारगेट कर रहे हैं. शिकायत करने पर तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी देते हैं. आम लोगों को परेशान कर भय का माहौल बना रहे हैं, जबकि तस्करों को खुली छूट दी जा रही है. लोगों ने कहा, चाणक्य चौक, टिकुलिया व इस्लामपुर से दिनभर निर्बाध तस्करी होती है, लेकिन एसएसबी की धर-पकड़ नाममात्र की है. कई बार खबरें प्रकाशित होने के बाद भी स्थिति जस की तस है. एसएसबी अधिकारी का बयान
एसएसबी के द्वितीय कमान अधिकारी चेतन कुमार गुप्ता ने कहा, "हमारे जवानों द्वारा किसी भी आम नागरिक को परेशान करने के उद्देश्य से जांच नहीं की जाती. भारत-नेपाल सीमा होने के कारण आने-जाने वाले लोगों की नियमित रूटीन जांच की जाती है. तस्करी रोकने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं. लोगों की मांग
आक्रोशित लोगों ने मांग की है कि तस्करी रोकने के लिए ठोस कार्रवाई हो और महिलाओं की जांच के दौरान महिला जवानों को ही तैनात किया जाए. पीड़ित महिला द्वारा इस संबंध में जोगबनी थाना में आवेदन देने की तैयारी की जा रही है.
