अररिया में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा सख्त: एसएसबी के आईजी ने किया 52वीं वाहिनी का दो दिवसीय निरीक्षण

सशस्त्र सीमा बल (SSB) के आईजी निशीत कुमार उज्जवल ने अररिया स्थित 52वीं वाहिनी मुख्यालय और भारत-नेपाल सीमा का दो दिवसीय निरीक्षण किया. उन्होंने सीमा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए.

सशस्त्र सीमा बल (SSB), सीमांत मुख्यालय पटना के महानिरीक्षक (आईजी) निशीत कुमार उज्जवल ने अररिया स्थित 52वीं वाहिनी (बटालियन) मुख्यालय और हरियाबाड़ा न्यू लोकेशन का दो दिवसीय व्यापक वार्षिक निरीक्षण किया. 16 और 17 जुलाई को हुए इस औचक व विस्तृत निरीक्षण के दौरान आईजी ने भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और सरहद पर तैनात जवानों को चौबीसों घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया.

गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत, पीपीटी से परखी प्रचालन क्षमता

वाहिनी मुख्यालय अररिया पहुंचने पर आईजी निशीत कुमार उज्जवल का भव्य स्वागत किया गया. एसएसबी 52वीं वाहिनी के कमांडेंट मितुल कुमार ने परंपरा के अनुसार उन्हें खादा पहनाकर और औषधीय पौधा भेंट कर अगवानी की. इसके बाद वाहिनी के जवानों ने आईजी को सलामी देते हुए 'गार्ड ऑफ ऑनर' प्रस्तुत किया.

प्रशासनिक भवन के मुख्य सभागार में कमांडेंट मितुल कुमार ने एक विस्तृत पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से वाहिनी के संपूर्ण कार्यक्षेत्र, नेपाल सीमा की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध संसाधनों, प्रशासनिक व्यवस्था और वाहिनी की प्रचालन (ऑपरेशनल) क्षमताओं की बारीकी से जानकारी दी.

लेटी सीमा चौकी का दौरा: रात्रिकालीन गश्त को और प्रभावी बनाने का आदेश

अपने दौरे के अगले चरण में आईजी सीधे भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बाह्य सीमा चौकी (BOP) लेटी पहुंचे. वहां उन्होंने निम्नलिखित व्यवस्थाओं की समीक्षा की:

  • जमीनी हकीकत: आईजी ने जवानों की कार्यप्रणाली, दैनिक गश्ती चार्ट, फेंसिंग रहित सीमा सुरक्षा के इंतजामों और कैंप की आवासीय व प्रशासनिक सुविधाओं को देखा.
  • अवैध गतिविधियों पर रोक: सीमा पर तैनात जवानों और अधिकारियों से सीधी बात करते हुए आईजी ने दो टूक कहा कि नेपाल सीमा से होने वाली किसी भी तरह की तस्करी, नशीले पदार्थों की आमद और राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखें. इसके लिए स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ आपसी समन्वय और सतर्कता बेहद जरूरी है.
  • विशेष गाइडलाइन: उन्होंने निर्देश दिया कि सीमा क्षेत्र में निरंतर गश्ती की जाए, विशेषकर रात्रिकालीन (नाइट पेट्रोलिंग) गश्त को और अधिक आधुनिक तकनीकों के साथ प्रभावी बनाया जाए.
"सीमा सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील और गौरवशाली दायित्व है, जिसे देशहित में पूरी सजगता, अटूट निष्ठा और समर्पण के साथ निभाना आवश्यक है. हमारे जवानों का मनोबल ऊंचा है और सीमांत मुख्यालय पटना उनकी हर छोटी-बड़ी सुविधाओं, स्वास्थ्य और आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सदैव तत्पर रहेगा." — निशीत कुमार उज्जवल, आईजी, एसएसबी (सीमांत मुख्यालय पटना)

जवानों के साथ खाया 'बड़ा खाना', परिसर में किया पौधारोपण

निरीक्षण को केवल प्रशासनिक औपचारिकताओं तक सीमित न रखकर आईजी ने जवानों के साथ आत्मीय संबंध स्थापित किए. उन्होंने लेटी सीमा चौकी पर आयोजित पारंपरिक 'बड़े खाने' (मेस) में जवानों और अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठकर भोजन किया और उनके पारिवारिक कुशल-क्षेम की जानकारी ली. दौरे के दूसरे दिन पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आईजी ने लेटी चौकी परिसर में पौधारोपण भी किया.

इस महत्वपूर्ण दो दिवसीय निरीक्षण के दौरान पूर्णिया क्षेत्र के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मधुकर अमिताभ, 52वीं वाहिनी के कमांडेंट मितुल कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी आलोक कुमार, उप कमांडेंट उदय कुमार, विनोद मीणा एवं सहायक कमांडेंट अमित कुमार अहिरवार सहित भारी संख्या में एसएसबी के अन्य अधीनस्थ अधिकारी और मुख्य आरक्षी (जवान) मुख्य रूप से उपस्थित रहे.


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लेखक के बारे में

राहुल सिंह प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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