अररिया. जिले के पीरगंज क्षेत्र में रविवार की देर संध्या गौशाला में आग लगने से अफरातफरी मच गयी. 52वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल अररिया की पीरगंज बाहरी सीमा चौकी के जवानों की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया. जवानों ने ग्रामीणों के सहयोग से गौशाला में बंधे मवेशियों और बकरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. घटना 13 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे की है.
दहीपुरा गांव की गौशाला में लगी आग
जानकारी के अनुसार पीरगंज चौकी के कार्यक्षेत्र में आने वाले दहीपुरा गांव निवासी सामदेव यादव की गौशाला में अचानक आग लग गयी. आग की लपटें देखकर ग्रामीणों में अफरातफरी मच गयी. घटना की सूचना मिलते ही पीरगंज बीओपी के कैंप कमांडर सहायक उप निरीक्षक तोलन कुमार नाथ ने तत्काल जवानों को मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया.
नौ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे कैंप कमांडर
कैंप कमांडर सहायक उप निरीक्षक तोलन कुमार नाथ अपने नौ जवानों के साथ अग्निशमन उपकरण लेकर घटनास्थल पर पहुंचे. जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया. आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन एसएसबी जवानों और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया. जवानों ने सबसे पहले गौशाला में बंधे मवेशियों और बकरियों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया.
मवेशियों और बकरियों को सुरक्षित बाहर निकाला
आग बुझाने के दौरान गौशाला में बंधे जानवरों और बकरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इससे बड़ी संख्या में मवेशियों की जान बच गयी. हालांकि आग की चपेट में आने से एक दोपहिया वाहन जलकर क्षतिग्रस्त हो गया.
समय रहते एसएसबी जवानों के पहुंचने और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत कार्य चलाने से आग को आसपास फैलने से भी रोक लिया गया.
एसएसबी की त्वरित कार्रवाई की ग्रामीणों ने की सराहना
घटना के बाद ग्रामीणों ने एसएसबी जवानों की त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की. ग्रामीणों का कहना था कि यदि जवान समय पर मौके पर नहीं पहुंचते तो आग से बड़ा नुकसान हो सकता था. आग बुझाने के बाद कैंप कमांडर ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि आग लगने वाली वस्तुओं को घर और आवासीय परिसर से सुरक्षित दूरी पर रखा जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना से बचा जा सके.
