नेपाल गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा! भारत-नेपाल सीमा को गृह अशांति में झोंकने की थी साजिश, मास्टरमाइंड इलियास मंसूरी फरार

नेपाल गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट ने भारत-नेपाल सीमा पर बड़े षड्यंत्र का खुलासा किया है. रिपोर्ट के अनुसार, एक कथित साजिश के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में अशांति फैलाने का प्रयास किया जा रहा था. इस मामले का मुख्य आरोपी इलियास मंसूरी फरार बताया जा रहा है.

अररिया. नेपाल के सुनसरी जिले के दीवानगंज गांव पालिका क्षेत्र में 26 जुलाई 2026 को हुई हिंसा के मामले में नेपाल गृह मंत्रालय की कथित जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सीमा क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है. 59 पृष्ठों की इस रिपोर्ट में हिंसा के पीछे कथित साजिश और भारत-नेपाल सीमा से लगे इलाकों में तनाव फैलाने की आशंका का उल्लेख किया गया है. हालांकि उपलब्ध सामग्री के आधार पर रिपोर्ट के सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

हिंसा को केवल स्थानीय विवाद मानने से किया गया इनकार

रिपोर्ट में 26 जुलाई की घटना को केवल स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं माना गया है. जांच में घटना के बाद सुनसरी सहित कई क्षेत्रों में तनाव, प्रतिशोध की भावना और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की बात कही गई है. रिपोर्ट में सीमावर्ती क्षेत्रों में भी तनाव बढ़ाने की आशंका जताते हुए सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की सिफारिश की गई है.

इलियास मंसूरी के संपर्कों की जांच की सिफारिश

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि घटना के दौरान पुलिस निरीक्षक राकेश राई के मोबाइल फोन पर इलियास मंसूरी के कई फोन आए थे. जांच टीम ने कथित संपर्कों की वास्तविकता और भूमिका स्पष्ट करने के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच की सिफारिश की है.

कौन है इलियास मंसूरी?

रिपोर्ट के अनुसार इलियास मंसूरी नेपाल-भारत सीमावर्ती क्षेत्र में धार्मिक विद्यालयों से जुड़े गतिविधियों से संबंधित व्यक्ति बताया गया है. रिपोर्ट में उसके कथित तौर पर बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले जमात के समन्वय से जुड़े होने का भी दावा किया गया है. साथ ही उसे कुछ विवादित संस्थाओं से संबद्ध बताया गया है. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है.

रिपोर्ट में फरार होने का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक घटना और उसके बाद उत्पन्न तनाव के बाद इलियास मंसूरी फरार है और नेपाल पुलिस उसकी तलाश कर रही है. उसकी कथित भूमिका की पुष्टि के लिए डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की जांच को महत्वपूर्ण बताया गया है.

भारत से सटे इलाकों में भी बढ़ाई गई थी चौकसी

घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा से जुड़े अररिया, सुपौल और किशनगंज क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ाए जाने की बात कही गई है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्थानीय प्रशासन और एसएसबी के स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई, ताकि सीमा क्षेत्र में किसी अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न न हो.

मदरसा शिक्षा को लेकर भी रिपोर्ट में उठाए गए सवाल

नेपाल गृह मंत्रालय की रिपोर्टों में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई बिंदुओं का उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार कुछ मदरसों में आधुनिक विषयों की शिक्षा, शिक्षकों की योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया तथा सरकारी अनुमति को लेकर सवाल उठाए गए हैं. रिपोर्ट में नेपाली भाषा, विज्ञान, गणित, सामाजिक शिक्षा और कंप्यूटर जैसे विषयों को मदरसा शिक्षा में शामिल करने की जरूरत पर भी चर्चा की गई है.

सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव मजबूत करने पर जोर

रिपोर्ट में संवेदनशील जिलों में सामाजिक सद्भाव और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की सिफारिश की गई है. सीमा क्षेत्र में किसी भी संभावित तनाव को समय रहते नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है.




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लेखक के बारे में

By मृगेंद्रमणि सिंह

मृगेंद्रमणि सिंह प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. प्रभात खबर के अररिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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