सत्संग से मनुष्य का जीवन निर्मल हो जाता है: महर्षि योगानंद

हरि व सतगुरु की प्राप्ति के लिए सत्संग जरूरी

1-7-प्रतिनिधि, पलासी अखिल भारतीय संतमत सत्संग का 113वां वार्षिक महाधिवेशन प्रखंड के कनखुदिया पंचायत के धनतोला हसनपुर में तीन दिवसीय संतमत सत्संग सोमवार को भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो गया. महर्षि मेंहीं योगाश्रम बैजनाथपुर सहरसा के महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के तपोनिष्ठ विरक्त सदाचारी शिष्य अखिल राष्ट्रीय संतमत सत्संग के आचार्य पूज्यपाद महर्षि योगानंद परमहंस जी ने अपने प्रवचन में सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्संग से मनुष्य जीवन निर्मल हो जाता है. पाप से मुक्ति मिलती है. उन्होंने कहा कि सत्संग साधना मात्र से हरि व सतगुरु की प्राप्ति के लिए सत्संग बहुत जरूरी है. वहीं महर्षि योगानंद परमहंस जी ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु के बिना ज्ञान संभव नहीं है. संत का अवतरण मनुष्य जीवन का आवरण के लिए होता है. आचार्य पूज्यपाद महर्षि योगानंद परमहंस जी महाराज को पुष्प माल्या पहना कर स्वागत किया. इस माके पर मुखिया रामप्रसाद चौधरी, रामकृपाल विश्वास, भाजपा नेता सह जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी रंजीत यादव, पूर्व प्रखंड सह प्रमुख प्रतिनिधि सदानंद यादव, मुखिया संघ अध्यक्ष मुर्शीद आलम, संतोष कुमार मंडल, प्रभुचंद विश्वास, लक्ष्मी ठाकुर, अशोक चौधरी, संजीव चौधरी सहित अन्य सत्संग प्रमियों के द्वारा आचार्य पूज्यपाद महर्षि योगानंद परमहंस जी महाराज से आशीर्वाद लिया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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