मामले में परिजनों ने बाल कल्याण समिति कार्यालय का लिया सहारा, लगायी गुहार
अररिया. सिमराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव से गत 06 फरवरी को एक नाबालिग अपने घर से मध्यरात्रि में लापता हो गयी थी. इस मामले में परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद गांव के ही दो युवकों पर शक जताते हुए सिमराहा थाना में गत 12 फरवरी को आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करायी. आवेदन में परिजन ने सिमराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत धुम्मगड़ पोठिया निवासी सचिन कुमार पिता हाजरी भगत व बेलय पोठिया निवासी जय कुमार महतो पिता बदरी महतो को नाबालिग के लापता मामले में आरोपित बनाया है. जिसमें कहा है कि आरोपी युवक जय कुमार महतो से पूछताछ की, तो उसने उसकी नाबालिग बेटी को 15 दिनों में उपलब्ध कराने की बात कही. लेकिन अब करीब 02 माह की अवधि बीत जाने के बावजूद सिमराहा थाना पुलिस नाबालिग की खोजबीन कर पाने में विफल है. इसके कारण परिजनों ने बुधवार को थक-हारकर बाल कल्याण समिति अररिया कार्यालय का सहारा लिया. जहां सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा रिंकू को अपनी आपबीती सुनाते हुए सिमराहा थाना पुलिस की कार्यशैली बताकर नाबालिग की खोजबीन में मदद करने की गुहार लगायी है. परिजन से सारी जानकारी लेने के बाद सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष ने संबंधित मामले में पुलिस उपाधीक्षक-सह-विशेष किशोर पुलिस इकाई को पत्र लिखकर नाबालिग की गुमशुदगी मामले में सिमराहा थाना में दर्ज प्राथमिकी कांड संख्या 36/26 के आलोक में नियमानुसार कार्रवाई के लिए निदेशित करने की मांग की है.बोले सिमराहा थानाध्यक्ष
मामले में सिमराहा थानाध्यक्ष प्रेम कुमार भारती ने बताया कि नाबालिग की खोजबीन जारी है. मिसिंग रिपोर्ट फॉर्म भरा जा चुका है. वरीय पदाधिकारी द्वारा रिपोर्ट टू आने का इंतजार है. वादी को भी मामले में सहयोग करना चाहिए, लेकिन उनके द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है. आरोपित पर भी दबाव बनाया जा रहा है. उसके मोबाइल लोकेशन का अवलोकन जारी है. लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है. यदि आरोपित उक्त दोनों युवक ही है, तो कुछ न कुछ उसके विरुद्ध साक्ष्य हाथ लगता. लेकिन तहकीकात में प्रतीत हो रहा है कि मामले में किसी अन्य आरोपित का हाथ हो सकता है.
