प्रेम ऐसी चीज, जिसका कोई मूल्य नहीं

प्रखंड क्षेत्र के कुआड़ी सत्संग मंदिर स्थित मुख्य सड़क पर आयोजित कबीर पंथ का तीन दिवसीय सुखद सत्संग शनिवार की संध्या शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.

तीन दिवसीय सुखद सत्संग का हुआ समापन कुर्साकांटा. प्रखंड क्षेत्र के कुआड़ी सत्संग मंदिर स्थित मुख्य सड़क पर आयोजित कबीर पंथ का तीन दिवसीय सुखद सत्संग शनिवार की संध्या शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. समापन पर राष्ट्रीय संत असंग देव जी महाराज ने श्रद्धालुओं को अपनी पौराणिक मान्यता, गौरवपूर्ण सभ्यता संस्कृति के साथ अनुशासन, संस्कार समेत मौजूदा पारिवारिक परिदृश्य को लेकर संदेश दिया. इसके साथ ही संत ने कण-कण में बसे निराकार उपासक महान संत कबीर रचित सारगर्भित ग्रंथ का उल्लेख करते हुए कबीर आज की जरूरत है. कबीर दास की वाणी प्रेम न बाड़ी उपजे प्रेम न हाट बिकाय, राजा प्रजा जेहि रुचे शीश देय लै जाय के जरिए श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि प्रेम करना सीखो, प्रेम ऐसी चीज है जिसका कोई मूल्य नहीं या तो फिर बहुमूल्य है. मानव हो तो मानव से प्रेम करना सीखो. प्रेम शाश्वत है. प्रेम न केवल मानव से वरण जीव जंतु से भी करें. सुखद सत्संग को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर आयोजक समिति के संजय कुमार सिंह, भोला प्रसाद साह, श्याम लाल साह, मनोज मंडल, अनिल साह, बोध नारायण यादव, मुखिया वीणा देवी, सरपंच पूजा देवी, पंसस बिजली देवी, बलराम साह, पैक्स अध्यक्ष अमर सिंह, शशिभूषण राय, आलोक कुमार साह समेत स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका सराहनीय रही.

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By MRIGENDRA MANI SINGH

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