नौवीं के छात्रों का शत-प्रतिशत 'अपार आईडी' बनाने और सामाजिक अंकेक्षण का निर्देश

कुर्साकांटा प्रखंड में शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की. बैठक में कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए अपार आईडी निर्माण और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सामाजिक अंकेक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया. शिक्षकों की उपस्थिति और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर भी कड़े निर्देश जारी हुए.

कुर्साकांटा प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित बीआरसी (BRC) भवन में गुरुवार को शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) संयम राज की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रखंड क्षेत्र के सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों और संकुल समन्वयकों ने भाग लिया. बैठक में मुख्य रूप से वित्तीय वर्ष 2025-26 के सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) और कक्षा 9वीं के छात्रों के डिजिटल पहचान पत्र (APAAR ID) निर्माण को लेकर रणनीति तैयार की गई.

सरकारी राशि का होगा सामाजिक अंकेक्षण: बीईओ

बैठक के मुख्य बिंदुओं की जानकारी देते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संयम राज ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 'सामाजिक अंकेक्षण सोसाइटी' के दिशा-निर्देशों के आलोक में यह बैठक बुलाई गई थी.

इसके तहत प्रखंड के सभी सरकारी प्राथमिक, मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और विकास फंड का वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सामाजिक अंकेक्षण कराया जाएगा. उन्होंने सभी प्राचार्यों को इससे संबंधित आय-व्यय और पंजियों (रजिस्टर) का लेखा-जोखा समय पर दुरुस्त रखने का कड़ा निर्देश दिया.

कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए 'अपार आईडी' अनिवार्य

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए विभाग ने विशेष टास्क सौंपा है:

  • शत-प्रतिशत लक्ष्य: प्रखंड के सभी स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे कक्षा नौवीं (वर्ग 09) में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं का शत-प्रतिशत 'अपार आईडी कार्ड' (APAAR ID Card) अविलंब तैयार करवाएं.
  • डेटा एंट्री में तेजी: बीईओ ने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यह कार्ड छात्रों के भविष्य के शैक्षणिक हस्तांतरण और छात्रवृत्ति के लिए बेहद जरूरी है.

समय पर स्कूल आएं शिक्षक, गुणवत्तापूर्ण मिले एमडीएम

प्रशासनिक और वित्तीय समीक्षा के अलावा बीईओ ने विद्यालयों के शैक्षणिक माहौल को सुधारने पर भी कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने प्राचार्यों को स्पष्ट लहजे में कहा कि:

  1. शिक्षकों की उपस्थिति: सभी शिक्षक शिक्षा विभाग द्वारा जारी समय सारणी (गाइडलाइन) के अनुसार ससमय विद्यालय पहुंचना सुनिश्चित करें.
  2. वर्ग संचालन: प्रतिदिन नियमित रूप से कक्षाओं (वर्ग संचालन) का आयोजन हो, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो.
  3. मध्यान्ह भोजन (MDM): स्कूलों में मिलने वाले मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और साफ-सफाई के साथ हो. मेनू के अनुसार ही बच्चों को पौष्टिक भोजन परोसा जाए.

बैठक में यह रहे मुख्य रूप से उपस्थित:

इस समीक्षा बैठक में प्रखंड मध्यान्ह भोजन योजना (MDM) प्रभारी भुवनेश्वर कुमार मुख्य रूप से मौजूद थे. उनके अलावा प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार गुप्ता, बिपिन शर्मा, संजीव कुमार, बीरेंद्र कुमार सिंह, विनोद कुमार सागर, रविन्द्र कुमार सिंह, सीताराम सिंह, ओमप्रकाश सिंह, हरिओम मंडल, बिजेन्द्र मंडल सहित प्रखंड क्षेत्र के लगभग सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक और संकुल समन्वयक उपस्थित रहे.


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