Indore Fire BJP Leader Visit: अरारिया के नरपतगंज से संजीव कुमार यादव की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश के इंदौर में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में नरपतगंज प्रखंड के भवानीपुर गांव के चार गरीब मजदूरों की दर्दनाक मौत के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक सुगबुगाहट तेज हो गई है. घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ भाजपा नेता संजीव पासवान रविवार को भवानीपुर गांव पहुंचे. उन्होंने आपदा के शिकार हुए चारों मृतक मजदूरों के शोकाकुल परिजनों से उनके घर जाकर मुलाकात की, पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव व्यक्तिगत व राजनीतिक मदद का भरोसा दिलाया.
अब तक नहीं मिली कोई सरकारी मदद, भाजपा नेता ने बिहार सरकार को घेरा
मृतक मजदूरों के घरों का दौरा करने के बाद भाजपा नेता संजीव पासवान ने इस बात पर गहरी नाराजगी और आक्रोश व्यक्त किया कि इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी के कई दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवारों को अब तक किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या सरकारी सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है. उन्होंने बिहार सरकार और जिला प्रशासन की इस सुस्ती को संवेदनहीनता करार देते हुए मांग की कि बिना किसी विलंब के सभी पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा, पारिवारिक लाभ और आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाए.
इंदौर अग्निकांड में नरपतगंज के इन 4 होनहारों ने गंवाई जान
मालूम हो कि इंदौर की पटाखा फैक्ट्री में लगी भयावह आग ने नरपतगंज प्रखंड के कुल सात प्रवासी मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे उनकी मौत हो गई. इनमें गोखलापुर गांव के तीन मजदूर शामिल हैं, जबकि भवानीपुर गांव के निम्नलिखित चार दलित व पिछड़े वर्ग के होनहार युवकों की जान चली गई:
- धीरज कुमार पासवान (पिता- बग्गी पासवान)
- अभिषेक कुमार पासवान
- बाबुल कुमार पासवान (पिता- सनुकी पासवान)
- अजय कुमार पासवान (पिता- नुनु पासवान – जिनकी बीती रात इलाज के दौरान मौत हुई)
गांवों में पसरा मातमी सन्नाटा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस भीषण हादसे के बाद से जहां भवानीपुर और गोखलापुर गांव के पीड़ित परिजनों में चीख-पुकार और कोहराम मचा हुआ है, वहीं कई दिनों बाद भी पूरे प्रखंड क्षेत्र में मातमी सन्नाटा और शोक का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि ये सभी युवक अपने घरों के इकलौते कमाऊ सदस्य थे, जो मजदूरी करने इंदौर गए थे. भाजपा नेता ने विश्वास दिलाया है कि वे इस मामले को पटना में वरीय मंत्रियों के समक्ष उठाएंगे ताकि अनाथ हो चुके इन परिवारों को न्याय और उनका हक मिल सके.
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