जिलाधिकारी के निर्देश पर एक्शन मोड में खनन विभाग, सिमराहा व बथनाहा में छापेमारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अररिया जिले में अवैध खनन, परिवहन और मादक व लघु खनिजों के अवैध भंडारण पर पूर्णतः अंकुश लगाने को लेकर जिला प्रशासन बेहद गंभीर है. जिलाधिकारी विनोद दूहन के विशेष दिशा-निर्देश पर जिला खान निरीक्षक की अगुआई में एक विशेष टास्क फोर्स (SIT) का गठन कर औचक छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है.
इसी अभियान के तहत विभागीय टीम ने फारबिसगंज अनुमंडल के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश दी:
- सिमराहा थाना क्षेत्र: यहाँ से अवैध रूप से बिना वैध चालान के बालू/मिट्टी का परिवहन करते हुए पहले ट्रैक्टर को पकड़ा गया.
- बथनाहा थाना क्षेत्र: इसी क्षेत्र से गुप्त सूचना के आधार पर गश्त के दौरान खनिज लदे दूसरे ट्रैक्टर को टीम ने अपने कब्जे में लिया.
संबंधित थानों में सुरक्षित रखे गए वाहन, नियमावली के तहत जुर्माना तय
खनन विभाग की टीम ने दोनों ट्रैक्टरों को जब्त करने के बाद कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए उन्हें क्रमशः सिमराहा और बथनाहा थाना परिसर में ही सुरक्षित रखवा दिया है. स्थानीय पुलिस को निर्देश दिया गया है कि बिना विभागीय अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के वाहनों को मुक्त न किया जाए.
जिला खनन पदाधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार लघु खनिज नियमावली के कड़े और निर्धारित प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों पर कुल 2.10 लाख रुपये (2 लाख 10 हजार रुपये) का सरकारी जुर्माना लगाया गया है.
अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप, आगे भी जारी रहेगी सख्ती
प्रशासनिक स्तर से की गई इस त्वरित और बड़ी कार्रवाई के बाद से फारबिसगंज और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय बालू, गिट्टी और मिट्टी का अवैध धंधा करने वाले सिंडिकेट व माफियाओं के बीच हड़कंप का माहौल व्याप्त है.
खनन विभाग के अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि जिले में किसी भी स्तर पर नदियों, सरकारी भूखंडों या निजी जमीनों से बिना रॉयल्टी और अनुमति के मिट्टी या बालू का उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिले के सभी मुख्य मार्गों और संवेदनशील घाटों पर विभाग की पैनी नजर है और आने वाले दिनों में यह दंडात्मक अभियान और अधिक सख्ती के साथ अनवरत जारी रहेगा.
अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट:
