अप्रैल 2026 से शुरू होगा आवास गणना का कार्य

डिजिटल होगी जनगणना 2027

By PRAPHULL BHARTI | January 8, 2026 7:37 PM

अररिया. भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गयी है. यह जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी, क्योंकि आजादी के बाद यह आठवीं जनगणना होगी व पहली बार इसे पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न किया जायेगा. गृह मंत्रालय के अधीन जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार द्वारा इसके लिए चरणबद्ध व समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गयी है. जनगणना का कार्य दो प्रमुख चरणों में संपन्न होगा. प्रथम चरण में अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मकानों का सूचीकरण यानी आवास गणना का कार्य किया जायेगा. वहीं इसके दूसरे चरण में वास्तविक जनसंख्या गणना का कार्य होगा. इसके तहत 09 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक फील्डवर्क किया जायेगा. इसके बाद 01 मार्च से 05 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का दौर चलेगा. अंतिम रूप से 01 मार्च 2027 तक जनगणना का कार्य संपन्न करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जनगणना का कार्य इस बार डिजिटल तरीके से किया जायेगा. पहली बार मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों का संग्रह किया जायेगा. इसके साथ ही सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम सीएमएमएस पोर्टल के जरिये जनगणना संबंधी आंकड़ों की निगरानी, प्रबंधन व समीक्षा की जायेगी. राज्य में डिजिटल मोड में जनगणना कार्य संपन्न कराने के लिए जमीनी स्तर पर स्वीकार्यता मिल चुकी है. राज्य स्तर पर राज्य जनगणना कोषांग का गठन किया गया है. जिला स्तर पर भी प्रशासनिक स्तर पर अहम जिम्मेदारियां तय की गयी है. जिला जनगणना समन्वय समिति डीएलसीसीसी व जिला जनगणना कोषांग सेंसस सेल के गठन का आदेश दिया गया है. जिला प्रशासन को गणकों व पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, यूजर आईडी निर्माण, फील्ड वर्क की निगरानी व सीएमएमएस पोर्टल पर प्रगति की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. इसके अलावा वित्तीय व भौगोलिक तैयारी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. गौरतलब है कि जनगणना 2027 न केवल देश की जनसंख्या का सटीक चित्र प्रस्तुत करेगा. बल्कि विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन व देश के विकास के लिए नीति निर्माण संबंधी कार्यों को मजबूत आधार प्रदान करेगा.

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