Araria News: फारबिसगंज प्रखंड के रहिकपुर ठिलामोहन स्थित पासवान टोला के पास प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बना कल्वर्ट वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ा है. बरसात में इसकी स्थिति और खतरनाक हो जाती है. भारी वाहनों के गुजरते ही कंपन महसूस होता है, गड्ढों में पानी भर जाता है और हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक मरम्मत नहीं कराई गई. अब लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा.
एनएच-27 को कई पंचायतों से जोड़ने वाला अहम मार्ग
फारबिसगंज से प्रतिनिधि. रहिकपुर ठिलामोहन स्थित पासवान टोला के समीप यह कल्वर्ट उस सड़क पर बना है, जो एनएच-27 के मानिकपुर टावर चौक से लहसनगंज, समौल होते हुए घोड़ाघाट और फारबिसगंज-खवासपुर मार्ग को जोड़ती है. इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे और भारी वाहन गुजरते हैं.
लहसनगंज में पनार नदी पर पुल बनने के बाद खवासपुर समेत कई पंचायतों के लोगों के लिए यही सड़क जिला मुख्यालय अररिया, अनुमंडल मुख्यालय फारबिसगंज और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग बन गई है.
बरसात में बढ़ जाता है खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि कल्वर्ट लगातार जर्जर होता जा रहा है. भारी वाहनों के गुजरने से टूट-फूट बढ़ रही है. बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को खतरा रहता है. कई बार वाहन फंस जाते हैं और पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है.
स्थानीय लोगों के अनुसार यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
Araria News: कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षतिग्रस्त कल्वर्ट की जानकारी कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक न तो मरम्मत शुरू हुई और न ही पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल हुई.
लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही का महत्वपूर्ण मार्ग है. ऐसे में इसकी अनदेखी आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है.
जल्द मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त कल्वर्ट की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो वे जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
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