Janta Darbar News: अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट: अररिया जिले के आम नागरिकों की विभिन्न समस्याओं, विधिक शिकायतों और विभागीय अड़चनों के त्वरित निष्पादन को लेकर समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी (DM) विनोद दूहन की अध्यक्षता में ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया गया. इस विशेष जन-सुनवाई कार्यक्रम में जिले के सुदूर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से पहुंचे कुल 17 फरियादियों ने अपनी निजी एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित लिखित आवेदन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए. डीएम ने सभी की बातों को गंभीरता से सुनते हुए ऑन द स्पॉट कई दिशा-निर्देश जारी किए.
नेपाल सीमा सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने की उठी मांग, डीएम सख्त
जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अवैध कब्जे और प्रशासनिक शिथिलता से जुड़े मामले छाए रहे, जिनमें कुछ प्रमुख शिकायतें इस प्रकार हैं:
- भारत-नेपाल सीमा सड़क पर कब्जा: कुर्साकांटा प्रखंड के रजौली ग्राम निवासी योगेंद्र सादा ने जिलाधिकारी को एक महत्वपूर्ण आवेदन सौंपा. उन्होंने शिकायत की कि नेपाल सीमा तक जाने वाली रणनीतिक और महत्वपूर्ण मुख्य सड़क को स्थानीय दबंगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे आवागमन ठप है. डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अंचलाधिकारी (CO) को तुरंत पैमाइश कराकर सड़क मुक्त कराने का आदेश दिया.
- अंचल कार्यालय की लापरवाही: फारबिसगंज निवासी इंदिरानंद झा ने अंचल कार्यालय (सीओ ऑफिस) की मनमानी की शिकायत करते हुए कहा कि लंबे समय से चक्कर काटने के बावजूद उन्हें जरूरी सरकारी दस्तावेजों की नकल (प्रमाणित प्रति) उपलब्ध नहीं कराई जा रही है.
रसोईया चयन और निजी जमीन पर कब्जे की भी आई शिकायतें
इसके अलावा अन्य प्रखंडों से भी लोग अपनी गुहार लेकर पहुंचे थे:
- रसोईया सह सहायक चयन: कोशकपुर, रामघाट और नरपतगंज क्षेत्र की निवासी मोहम्मद फूलकुमारी देवी ने स्कूलों में रसोईया सह सहायक के चयन की प्रक्रिया में आ रही विसंगतियों को दूर करने और अपने चयन से संबंधित अनुरोध पत्र सौंपा.
- निजी भूमि पर अतिक्रमण: रानीगंज प्रखंड के परमानंदपुर निवासी दयानंद शर्मा ने आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की. उन्होंने बताया कि असामाजिक तत्वों द्वारा उनकी रैयती (निजी) जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे तुरंत रोका जाए.
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दिया ‘टाइम बाउंड’ कार्रवाई का निर्देश
जनता दरबार में आए सभी 17 मामलों की सिलसिलेवार समीक्षा करने के बाद जिलाधिकारी विनोद दूहन ने संबंधित विभागीय अधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) और अंचलाधिकारियों को निर्देश जारी किए. उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि जनता की समस्याओं को लटका कर रखना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
डीएम ने सभी विभागों को प्राप्त आवेदनों की स्थलीय जांच (Spot Verification) करने और कानून के दायरे में रहकर तय समय सीमा के भीतर न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है, ताकि आम लोगों को बार-बार जिला मुख्यालय की दौड़ न लगानी पड़े.
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