रामकथा महोत्सव में उमड़ी भक्तों की भीड़
निष्काम भक्ति के महत्व पर डाला प्रकाश
फारबिसगंज. शहर के सिद्धसागर भवन परिसर में सनातन सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित रामकथा महोत्सव श्रद्धा व भक्ति के वातावरण में निरंतर आगे बढ़ रहा है. इस पावन आयोजन में ब्रह्मलीन संत आचार्य रामसुख दास महाराज के अनुगामी बालसंत श्री हरिदास महाराज द्वारा प्रतिदिन श्रीराम कथा का भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हो रहे हैं. रामकथा महोत्सव के छठे दिन संत श्री हरिदास महाराज ने भक्त व भगवान के संबंध पर गूढ़ व प्रेरक प्रवचन दिया. उन्होंने कहा कि भगवान अपने हैं यह भाव मन में दृढ़ करना आवश्यक है. जब भक्त भगवान को अपना मान लेता है, तब भगवान भी कृपा कर भक्त में अपनापन प्रकट कर देते हैं. उन्होंने बताया कि संसार में प्रत्येक व्यक्ति अपनी वस्तु को प्रिय मानता है, उसी प्रकार जब भगवान को अपना मान लिया जाता है, तो भगवान में प्रेम व भगवत-प्रेम स्वतः जागृत हो जाता है. प्रवचन के दौरान संत श्री हरिदास महाराज ने गोस्वामी तुलसीदास जी के पदों का उल्लेख करते हुए रामनाम जप, तुलसी सेवा और निष्काम भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला.
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