अररिया में जीविका कर्मियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत करने के उद्देश्य से जीविका ने 64 कर्मियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया. यह प्रशिक्षण वित्तीय साक्षरता और मेंटर-मेंटी मॉडल पर केंद्रित था, जिसका लक्ष्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है.

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला परियोजना समन्वयन इकाई, जीविका की ओर से दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. 15 और 16 जुलाई को जीविका जिला कार्यालय स्थित एफटीआईसी (FTIC) हॉल में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के प्रखंड परियोजना प्रबंधकों, क्षेत्रीय समन्वयकों और सामुदायिक समन्वयकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया.

वित्तीय साक्षरता और मेंटर-मेंटी मॉडल पर रहा विशेष जोर

प्रशिक्षण के दौरान फील्ड में काम करने वाले जीविका कर्मियों को कई तकनीकी और व्यावहारिक विधाओं से अवगत कराया गया:

  • वित्तीय साक्षरता व लेखा-जोखा: ग्रामीण महिलाओं को लोन (ऋण) लेने, उसका सही संधारण करने और दैनिक व्यापार का सटीक लेखा-जोखा रखने की बारीकियां सिखाई गईं.
  • मेंटर-मेंटी मॉडल: योजना के लाभार्थियों (ग्रामीण महिलाओं) तक बेहतर मार्गदर्शन पहुंचाने और व्यवसाय के सफल संचालन में जीविका कर्मी कैसे एक मार्गदर्शक (मेंटर) की भूमिका निभा सकते हैं, इस पर विशेष रणनीति बनाई गई.

दो दिनों में 64 कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

इस दो दिवसीय सघन प्रशिक्षण शिविर में प्रखंड स्तर के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई. कार्यक्रम का पूरा लेखा-जोखा इस प्रकार रहा:

  1. प्रतिभागियों की संख्या: प्रशिक्षण में प्रतिदिन 32 प्रतिभागियों के हिसाब से दो दिनों में कुल 64 जीविका कर्मियों ने हिस्सा लिया.
  2. मुख्य प्रशिक्षक: प्रशिक्षण सत्रों का सफल संचालन जिला परियोजना समन्वयन इकाई के ट्रेनिंग ऑफिसर प्रमोद कुमार दत्ता एवं युवा पेशेवर (यंग प्रोफेशनल) सुभाशीष कर्माकर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया.

दोनों ही प्रशिक्षकों ने थ्योरी के बजाय व्यावहारिक उदाहरणों, रोल-प्ले और सहभागितापूर्ण गतिविधियों (ग्रुप एक्टिविटी) के माध्यम से जटिल विषयों को बेहद सरल तरीके से समझाया.

आत्मनिर्भर बनेंगी ग्रामीण महिलाएं: जीविका अधिकारी

समापन सत्र के दौरान जीविका के जिला स्तरीय वरीय अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के क्षमता संवर्धन (कैपेसिटी बिल्डिंग) प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के जमीनी क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होंगे.

इससे न केवल जीविका कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि वे गांवों में जाकर अत्यंत गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने, वित्तीय प्रबंधन संभालने तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अधिक पेशेवर तरीके से सहयोग प्रदान कर सकेंगे.


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