भरगामा में बारिश से खिले किसानों के चेहरे, अब यूरिया की कमी बनी चिंता

भरगामा प्रखंड में लगातार बारिश से किसानों को धान की रोपनी और फसलों के लिए राहत मिली है. हालांकि, यूरिया खाद की कमी किसानों के लिए एक नई परेशानी बन गई है, जिससे फसल पोषण पर असर पड़ने की आशंका है.

अररिया : मानसून के सक्रिय होने के बाद भरगामा प्रखंड क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही रिमझिम बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है. लंबे समय से पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण धान की खेती को लेकर चिंतित किसानों के चेहरे पर अब मुस्कान लौट आई है. बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के साथ धान की रोपनी और पहले से लगी फसलों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है.

बारिश से रोपनी कार्य में आई तेजी

किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश धान की खेती के लिए बेहद लाभदायक साबित हो रही है. खेतों में पर्याप्त नमी आने से रोपनी कार्य तेज हो गया है और सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा. वहीं, मौसम सुहावना होने से आम लोगों को भी उमस और गर्मी से राहत मिली है.

यूरिया की कमी ने बढ़ाई चिंता

बारिश के बावजूद किसानों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. प्रखंड क्षेत्र में यूरिया खाद की कमी अब सबसे बड़ी चिंता बन गई है. किसान पैक्स और निजी उर्वरक दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिल पा रहा है. इससे फसलों की समय पर पोषण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है.

किसानों ने की शीघ्र आपूर्ति की मांग

स्थानीय किसान बंटी सिंह, सहदेव मंडल, दिलीप पासवान और कमल सिंह ने बताया कि बारिश के बाद फसलों को यूरिया की सबसे अधिक आवश्यकता होती है. यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो अच्छी बारिश का लाभ भी पूरी तरह नहीं मिल पाएगा.

किसानों ने कृषि विभाग और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि खरीफ मौसम में खेती का कार्य बिना बाधा के जारी रह सके.

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लेखक के बारे में

राष्ट्रभूषण पिंटू प्रिंट माध्यम में 12 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. भरगामा (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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