फारबिसगंज. पीएचसी में आशा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय सत्याग्रह के तहत धरना-प्रदर्शन किया. कार्यक्रम की अगुवाई अध्यक्ष रीना कुमारी ने की. जबकि संचालन की जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष रेणुका रिया ने निभायी. इस दौरान बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता अपनी समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया. धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पिछले आठ महीनों से उन्हें मानदेय नहीं मिला है, जिसके कारण उनके परिवार के भरण-पोषण में कठिनाइयां हो रही है. उन्होंने बताया कि नियमित आय के अभाव में दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है. इस स्थिति ने आशा कार्यकर्ताओं के जीवन को आर्थिक और मानसिक दोनों स्तर पर प्रभावित किया है. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तीन प्रमुख मांगों को सामने रखा. पहली, लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए. आशा व आशा फैसिलिटेटर की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए. सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें उचित पैकेज और पेंशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके. मौके पर दर्जनों आशा कर्मी व आशा फैसिलिटेटर मौजूद थी.
आशा ने पीएचसी में किया धरना-प्रदर्शन
कहा, पिछले आठ महीने से उन्हें नहीं मिला है मानदेय
