ASI मौत मामले में SP का बड़ा खुलासा, मुखिया के पति और बीजेपी नेता हिरासत में, डीएम ने दी चेतावनी

Bihar Crime News: एएसआइ राजीव रंजन मल की मौत मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया है. यह जानकारी पूर्णिया प्रक्षेत्र के डीआइजी प्रमोद कुमार मंडल ने दी. उन्होंने बताया कि फारबिसगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकेश कुमार साहा के नेतृत्व में एसआइटी टीम गठित की गयी है. इस मामले में 18 लोगों को नामजद व 25 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

Bihar Crime News: भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाके में गांजा तस्कर को पकड़ने गये एएसआइ राजीव रंजन मल की मौत धक्का-मुक्की के क्रम में हो गयी. घटना बुधवार देर रात घटी. घटना के बाद इलाके में पीट-पीट कर एएसआइ की हत्या की बात कही जाने लगी, लेकिन अररिया एसपी अंजनी कुमार ने पीट-पीट कर हत्या की बात से इनकार किया है. जानकारी के अनुसार अनमोल यादव पर फुलकाहा थाना में एनडीपीएस एक्ट व आर्म्स एक्ट सहित दो आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस टीम लगातार छापेमारी अभियान चला रही थी.

नरपतगंज के खैरा निवासी आरोपी अनमोल यादव( फाइल फोटो)

छापेमारी करने पहुंचे थे

बुधवार रात पोसदाहा पंचायत के मुखिया कंचन देवी, पति सुभाष यादव के निवास स्थल मिर्जापुर गांव में उनकी पुत्री की शादी थी. इसी शादी समारोह में थाना अध्यक्ष रौनक कुमार सिंह को अनमोल यादव के आने की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष दो एएसआई, दो सिपाही, दो चौकीदार व एक वाहन चालक के साथ छापेमारी करने लक्ष्मीपुर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि इसी बीच पुलिस टीम ने तस्कर अनमोल यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

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बेहोश हो गये राजीव

गिरफ्तारी के बाद अनमोल यादव भागने की कोशिश करने लगा. हंगामा होते देख कर तस्करों व ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गयी और पुलिस टीम पर हमला करते हुए पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर अनमोल को पुलिस के चंगुल से छुड़ा लिया. गिरफ्तार तस्कर को फिर से पकड़ने के दौरान आक्रोशित तस्कर व ग्रामीणों ने फुलकाहा थाना में तैनात एएसआई राजीव रंजन मल (मुंगेर जिला के रामनगर थाना क्षेत्र के जानकीनगर निवासी) के साथ हाथापाई की. वे बेहोश हो गये. घटना के बाद सूचना पर पहुंचे एसडीपीओ व कई थानों की पुलिस उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत की पुष्टि हुई.

नरपतगंज के लक्ष्मीपुर में घटनास्थल पर पसरा सन्नाटा

छह आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया

फुलकाहा थाना क्षेत्र अंतर्गत मिर्जापुर वार्ड संख्या 01 निवासी ललित कुमार यादव पिता गणेश यादव, शंभू यादव पिता लक्ष्मी यादव, सुपौल जिला के भीमपुर थाना अंतर्गत वार्ड संख्या 02 निवासी प्रभु कुमार यादव पिता प्रमोद यादव, नरपतगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरा चंदा निवासी प्रमोद कुमार यादव पिता उपेंद्र यादव, कुंदन यादव पिता उमेश यादव व ललन कुमार यादव पिता जय प्रकाश यादव को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. हालांकि मुखिया पति सुभाष यादव के भी हिरासत में लिये जाने की बात कही जा रही है.

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अररिया एसपी बोले- ग्रामीणों ने सहयोग किया था

अररिया एसपी अंजनी कुमार ने कहा, “एक अपराधी अनमोल यादव के आने की सूचना पुलिस को मिली थी. इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी. अपराधी को पुलिस ने पकड़ भी लिया था, लेकिन इस दौरान अपराधी के सहयोगी कुछ ग्रामीणों ने उसे पुलिस के कब्जे से छुड़वा लिया. पुलिस से धक्का-मुक्की हुई. इसमें एएसआइ राजीव रंजन मल अचेत होकर गिर गये. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गयी.”

अररिया डीएम बोले- बख्शे नहीं जायेंगे

अररिया डीएम अनिल कुमार ने कहा, “आज हमारे जिले के लिए अत्यंत दुख का दिन है. गत रात्रि फुलकाहा थाना अंतर्गत अपराधियों के साथ जो घटना हुई, धक्का-धक्का हुई, उसमें फुलकाहा थाना अंतर्गत एएसआई राजीव रंजन मल की मृत्यु हो गयी. कुछ गिरफ्तारियां भी की गयी हैं. हमलोग अप्रत्याशित कार्रवाई भी करेंगे. इससे वैसे असामाजिक तत्व में एक मैसेज जायेगा. यदि इस प्रकार की घटना होती है, तो वे बक्शे नहीं जायेंगे.”

बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष क्या बोले

बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा, “अररिया में मृत पुलिसकर्मी राजीव रंजन मल के परिवार के साथ बिहार पुलिस एसोसिएशन खड़ा है. पीड़ित परिवार को बैंक से करार की राशि 150 लाख , 20 लाख बीमा, मृतक की लड़की यदि 25 वर्ष से छोटी हैं, तो 15 लाख व पुलिस कल्याण कोष से 25 लाख, अनुग्रह राशि 10 लाख, (कुल राशि 2 करोड़ 20 लाख) व अन्य वेतन से जीपीएफ कटौती की राशि दी जायेगी.”

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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