फारबिसगंज से मो. कलीम उद्दीन की रिपोर्ट.
Araria News: सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन में सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद सोमवार को फारबिसगंज पहुंचते-पहुंचते बड़े बवाल में बदल गया. महिला यात्री और उसके पति के साथ कथित मारपीट से नाराज यात्रियों ने ट्रेन में चेन पुलिंग कर विरोध प्रदर्शन किया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि ट्रेन करीब एक घंटा 45 मिनट तक रुकी रही. मौके पर पहुंची आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने हालात को नियंत्रित किया और छह पेंट्रीकार कर्मियों को हिरासत में लिया.
दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, फारबिसगंज निवासी नुसरत प्रवीण अपने पति अबुसमा के साथ बीएड परीक्षा देकर दिल्ली के आनंद विहार से जोगबनी जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस की जनरल बोगी में सवार हुई थीं. आरोप है कि जनरल कोच की कई सीटों पर पेंट्रीकार कर्मियों ने कब्जा कर रखा था. सीट मांगने पर विवाद शुरू हो गया जो बाद में मारपीट में बदल गया.
पीड़िता का आरोप है कि पेंट्रीकार कर्मियों ने उनके पति के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फारबिसगंज स्टेशन पर परिजन रिसीव करने पहुंचे तो उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया.
चेन पुलिंग के बाद रेलवे ट्रैक पर बढ़ा तनाव
फारबिसगंज स्टेशन से ट्रेन खुलने के कुछ ही देर बाद यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा. केजे-64 रेलवे फाटक के समीप यात्रियों ने अलार्म चेन खींचकर ट्रेन रोक दी. इसके बाद ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बड़ी संख्या में यात्रियों ने घटना के विरोध में हंगामा किया और आरोपित कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की.
आरपीएफ और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ प्रभारी उमेश प्रसाद सिंह, जीआरपी और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने यात्रियों को समझाकर शांत कराया और घायल यात्री को इलाज के लिए अस्पताल भेजा. पुलिस ने मामले में छह पेंट्रीकार कर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, महिला दंपति के साथ मारपीट के आरोपों की जांच की जा रही है. हिरासत में लिए गए कर्मियों से पूछताछ जारी है और जीआरपी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
