अररिया में पहली बारिश में डूबा कुआड़ी बाजार, सड़क बनी तालाब, जलजमाव की समस्या पर फिर उठे सवाल

Araria News: बारिश अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई और पूरा बाजार पानी में डूब गया. सड़क गायब, दुकानें प्रभावित और लोगों की आवाजाही मुश्किल. हर साल यही तस्वीर सामने आती है, लेकिन समाधान आज तक नहीं मिला. आखिर कब खत्म होगी कुआड़ी बाजार की यह परेशानी?

कुर्साकांटा (अररिया) से दिलीप कुमार सिंह की रिपोर्ट.

Araria News: अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड स्थित कुआड़ी बाजार में मानसून की पहली बारिश ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी. हल्की बारिश के बाद ही मुख्य सड़क और हटिया बाजार जाने वाला मार्ग जलमग्न हो गया. सड़क पर कई जगह पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही बदहाल व्यवस्था का नतीजा है.

हर बारिश में दोहराई जाती है यही कहानी

कुआड़ी बाजार के लोगों के लिए बारिश राहत नहीं, बल्कि नई मुश्किल लेकर आती है. जैसे ही बारिश होती है, मुख्य सड़क तालाब जैसी दिखने लगती है. कई जगह सड़क और नाले का फर्क तक समझ में नहीं आता.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी घंटों नहीं, बल्कि कई बार दिनों तक जमा रहता है. इससे पैदल चलने वाले, दोपहिया वाहन चालक और दुकानदार सबसे अधिक प्रभावित होते हैं.

जलजमाव के साथ अतिक्रमण भी बड़ी वजह

ग्रामीणों का आरोप है कि बाजार में वर्षों से फैले अतिक्रमण और नाला निर्माण नहीं होने की वजह से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला.

लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण की बात तो होती है, लेकिन उससे पहले बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने और जल निकासी की व्यवस्था सुधारने पर गंभीर पहल नहीं की जाती.

कई बार हुआ प्रदर्शन, फिर भी नहीं बदले हालात

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, जलजमाव और जाम की समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर चुके हैं. हर बार अधिकारियों ने निरीक्षण किया, नाला निर्माण और अतिक्रमण हटाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन धरातल पर कोई ठोस काम नहीं दिखा.

नतीजा यह है कि हर मानसून में कुआड़ी बाजार फिर उसी पुराने संकट का सामना करता है.

व्यापार और आम लोगों पर पड़ रहा सीधा असर

जलजमाव का सबसे ज्यादा असर स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है. बाजार पहुंचने में लोगों को परेशानी होती है, जिससे दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घट जाती है. वहीं स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी जलभराव के बीच आवागमन करना पड़ता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नाला निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में लगातार बारिश के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है.

Araria News: ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार

जिला परिषद सदस्य रघुनाथ सिंह, मुखिया वीणा देवी, शशिभूषण राय, ब्रह्मदेव यादव, अंजनी राय, पैक्स अध्यक्ष अमर कुमार सिंह, नितेश प्रभाकर, अमित कुमार, मुरली माही समेत कई ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से कुआड़ी बाजार को जलजमाव और अतिक्रमण की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की मांग की है.

ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत है, ताकि हर साल बारिश के साथ बाजार को झील में बदलते देखने की नौबत खत्म हो सके.

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Published by: Pratyush prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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