Araria Farmer Alert: अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट. अररिया जिले में हाल के आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों को सरकार की ओर से फसल क्षति मुआवजा दिया जाएगा. इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारी तेज कर दी गयी है. जिलाधिकारी Vinod Duhan ने राहत सहायता वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि मुआवजा दिलाने के नाम पर किसानों से पैसे मांगने वाले कर्मियों या बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
डीएम ने पारदर्शी जांच के दिए निर्देश
जिलाधिकारी विनोद दूहन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत सहायता के लिए प्राप्त सभी आवेदनों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए. प्रशासन का उद्देश्य यह है कि वास्तविक प्रभावित किसानों तक सरकारी सहायता बिना किसी बाधा के पहुंच सके.
डीएम ने स्पष्ट कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि पूरी तरह निःशुल्क है और इसके लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. अगर कोई व्यक्ति या कर्मी सहायता राशि दिलाने के बदले पैसे की मांग करता है तो उसे गंभीर अपराध माना जाएगा.
बिचौलियों पर प्रशासन की सख्ती
फसल मुआवजा प्रक्रिया में बिचौलियों की सक्रियता को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है. जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को किसी भी दलाल या बिचौलिए के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है. प्रशासन सीधे किसानों तक राहत पहुंचाने के लिए काम कर रहा है.
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासनिक अधिकारियों को भी इस संबंध में सतर्क रहने को कहा गया है.
शिकायत के लिए जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर
किसानों की सुविधा के लिए जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है. प्रशासन की ओर से दूरभाष संख्या 06453-222309 और मोबाइल नंबर 9471682452 जारी किया गया है. किसान मुआवजा से जुड़ी किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं.
डीएम ने किसानों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति राहत राशि दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करे तो उसकी सूचना तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके.
किसानों में बढ़ी उम्मीद
प्रशासन की इस सख्ती के बाद प्रभावित किसानों में उम्मीद जगी है कि उन्हें बिना किसी परेशानी के सरकारी सहायता मिल सकेगी. जिले में आंधी-तूफान से कई किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है और अब वे राहत राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
Also Read: जीतनराम मांझी की समधन के काफिले पर हमला, बाल-बाल बची ज्योति मांझी, जानिए क्या है पूरा मामला…
