वित्तीय अनियमितता के आरोप में जिला शिक्षा कार्यालय के प्रधान लिपिक निलंबित, विभाग ने शुरू की कार्रवाई

अररिया जिला शिक्षा कार्यालय के प्रधान लिपिक धीरज कुमार साहा को वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. उन पर सरकारी राशि को नुकसान पहुंचाने व कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप हैं. मामले की विस्तृत जांच जारी है.

Education Department: अररिया जिला शिक्षा कार्यालय में वित्तीय अनियमितता और कर्तव्य में लापरवाही के आरोपों को लेकर स्थापना कार्यालय के प्रधान लिपिक धीरज कुमार साहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पूर्णिया प्रमंडल द्वारा 15 जुलाई 2026 को जारी आदेश संख्या-446 के तहत यह कार्रवाई की गई. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, किशनगंज निर्धारित किया गया है.

सरकारी राशि को नुकसान पहुंचाने का आरोप

जारी आदेश के अनुसार प्रधान लिपिक पर विभागीय कार्रवाई के अधीन निलंबित शिक्षकों को सक्षम प्राधिकार की अनुमति के बिना पूर्ण वेतन का भुगतान करने, सरकारी राशि को क्षति पहुंचाने तथा कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गये हैं.

स्पष्टीकरण के बावजूद नहीं मिला संतोषजनक जवाब

Education Department: विभागीय आदेश में उल्लेख किया गया है कि 13 जुलाई 2026 के पत्र संख्या-440 के अनुसार आपराधिक मामले में अभियोजन स्वीकृति लंबित रखने, सरकारी राशि की वसूली नहीं करने तथा नियमों के विपरीत आदेश पारित कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगाए गए हैं. विभाग ने पूर्व में 9 जून और 25 जून 2026 को स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन निर्धारित प्रतिवेदन प्राप्त नहीं होने पर कार्रवाई की गयी.

विधानसभा में मामला उठने के बाद तेज हुई कार्रवाई

इस मामले को अररिया सदर के विधायक आबिदुर रहमान ने बिहार विधानसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से उठाया था. इसके बाद शिक्षा विभाग, बिहार सरकार ने 13 जुलाई 2026 को संबंधित मामले में 24 घंटे के भीतर जवाब तलब किया. जांच के बाद क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने निलंबन का आदेश जारी किया.

जांच जारी, दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत विभागीय जांच जारी रहेगी. जांच में आरोप सही पाए जाने पर अलग से आरोप पत्र जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.


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लेखक के बारे में

राहुल सिंह प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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