Aaj Ka Darshan: अररिया से राहुल सिंह/नवीन कुमार की रिपोर्ट: अररिया शहर के पीडब्ल्यूडी परिसर में स्थित श्री श्री 108 शिव-पार्वती मनोकामना मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. करीब चार से पांच दशक पुराने इस मंदिर में महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक पर्वों पर भव्य पूजा-अर्चना और महाभोग का आयोजन किया जाता है. मंदिर की खास पहचान बनारस से लाया गया शिवलिंग और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई प्राण-प्रतिष्ठा है, जो श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करती है.
बनारस से मंगाया गया था शिवलिंग और प्रतिमाएं
मंदिर संचालक सह स्थानीय निवासी जयप्रकाश जायसवाल उर्फ रिंकू के अनुसार मंदिर की स्थापना लगभग 40 से 50 वर्ष पहले हुई थी. मंदिर निर्माण में पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन अधिकारियों ठाकुर जी और जायसवाल जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. शुरुआत में यहां महावीर बजरंगबली की प्रतिमा स्थापित की गई थी. बाद में काशी यानी बनारस से विशेष रूप से शिव-पार्वती की प्रतिमा और शिवलिंग मंगवाया गया. बनारस से आए विद्वान पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई थी.
मंदिर का वातावरण श्रद्धालुओं को करता है आकर्षित
मंदिर में स्थापित शिवलिंग यहां का मुख्य आकर्षण माना जाता है. इसके अलावा भगवान शिव-पार्वती, महावीर हनुमान और राधा-कृष्ण की मनोहारी प्रतिमाएं भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं. मंदिर के मुख्य पुरोहित नंद किशोर उपाध्याय ने बताया कि सभी धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण विधि-विधान से संपन्न कराए जाते हैं और जल्द ही राधा-कृष्ण प्रतिमा की भी विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी.
महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी पर लगता है भक्तों का मेला
महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी और अन्य प्रमुख पर्वों पर मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब जाता है. शहर भर से श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना और प्रसाद ग्रहण करने पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में मौजूद विशाल वट वृक्ष भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है. वट सावित्री पूजा के अवसर पर यहां सैकड़ों महिलाएं पूजा करने आती हैं.
मनोकामना पूरी होने की है मान्यता
स्थानीय लोगों के बीच यह मान्यता काफी प्रचलित है कि श्री श्री 108 मनोकामना मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. यही वजह है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां माथा टेकने पहुंचते हैं और मंदिर को समाज का लगातार सहयोग मिलता रहा है.
Also Read: SBI कर्मचारियों की 25-26 मई को देशव्यापी हड़ताल, बिहार में संशय
