अश्लील भोजपुरी गानों पर लगेगा लगाम, बिहार पुलिस के अभियान को मिला एक्टर, सिंगर और इंफ्लुएंसर्स का साथ

Bhojpuri Obscene Songs: भोजपुरी में बढ़ती अश्लीलता को लेकर बॉलीवुड अभिनेत्री नीतू चंद्रा ने हाईकोर्ट में पीआइएल दाखिल किया है. बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा भी एक निर्देश जारी किया गया है कि कहीं भी अगर अश्लील गाने बजाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.

Bhojpuri Obscene Songs: भोजपुरी गानों में अश्लीलता के खिलाफ बिहार पुलिस की ओर से शुरू की गई पहल को धीरे-धीरे सबका साथ मिलने लगा है. बिहार दिवस के अवसर पर भोजपुरी व हिंदी सिनेमा और टीवी के कई कलाकारों सहित राज्य के कई इंफ्लुएंसर ने भी अश्लीलता के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है. सबका एक सुर में यही मानना है कि भाषा कोई भी हो, अश्लील या द्विअर्थी गाने किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाने चाहिए. सार्वजनिक जगहों पर दोहरे मीनिंग वाले भोजपुरी, मगही, मैथिली, या फिर हिंदी गानों के प्रसारण पर पूरी तरह से रोकथाम हेतु बिहार पुलिस की पहल को सबने सराहा है.

अश्लीलता के खिलाफ इन्होंने खोला मोर्चा

भोजपुरी इंडस्ट्री के लोग भी चाहते हैं बंद होने चाहिए ऐसे गाने

बिहार स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मशहूर सिंगर प्रिया मलिक ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है कि जननी मां सीता की धरती पर स्त्रियों की मान-मर्यादा और सम्मान को आघात पहुंचाते हैं अश्लील गीत संगीत. यूट्यूब पर फूहड़ कंटेंट, समाज में गंदगी फैलाने वाले अश्लील नृत्य और फूहड़ वार्तालाप से मंच सजाने वाले मूर्ख आयोजक पर कारवाई होनी चाहिए. हाथी लेबे घोड़ा लेबे, पटना वाली मुनिया, आजू मिथिला नगरिया निहाल सखिया, मेहंदी रच गई, कबो प्यार तकरार, चलनी के चलल दूल्हा सहित सैकड़ों हिट सॉन्ग गानेवाली सिंगर प्रिया मलिक कहती हैं कि कला समाज का श्रृंगार करती है. बिहार स्थापना दिवस पर मैं अभिनंदन करना चाहती हूं बिहार पुलिस का, जिन्होंने हमारी इस आवाज़ को हौसला देते हुए जबरदस्त पहल की है. जय बिहार.

इस अभियान में कई एक्टर भी शामिल हुए हैं. अभिनेता विनय आनंद अपनी साफ-सुथरी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया, दिल ने फिर याद किया, सौतेला, जहां जाएगा हमें पाएगा, मंगल फेरा, खूनी दंगल जैसी सुपरहिट फिल्म देने वाले अभिनेता विनय आनंद ने बिहार पुलिस की इस पहल पर कहा, आप सबको पता है कि हमारे समाज में द्विअर्थी गाने बहुत सुने जाते हैं, पब्लिक प्लेसेज में ये जोर-जोर से बजाए भी जाते हैं, ये कुछ लोगों को भले अच्छे लगते हैं, पर बहुत लोगों को अच्छे नहीं लगते हैं और ये अच्छी बात है भी नहीं. बिहार पुलिस इसके खिलाफ अभियान चला रही है कि जो व्यक्ति ऐसे गाने बजाएगा या सुनेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अभिनेता विनय आनंद कहते हैं यह बहुत अच्छी मुहिम है, आपलोग भी इस मुहिम से जुड़कर अच्छे समाज के निर्माण में अपना योगदान दें.

भोजपुरी गाने में अश्लीलता के खिलाफ उठाई आवाज

टीवी जगत की कई हस्तियों ने अश्लीलता के खिलाफ उठाई आवाज

सासूजी बधाई हो, सास बहु की पंचायत, खिड़की, लल्लू की लैला सहित कई हिट फिल्मों के अलावा निमकी मुखिया, फुलवा, झांसी की रानी, मन में विश्वास आदि टीवी शो से फेमस हुईं अभिनेत्री रीना रानी ऐसे फूहड़ गानों से सख्त नाराज हैं. अपने वीडियो संदेश में रीना रानी कहती हैं, आजकल भोजपुरी में सबसे अधिक इस तरह के द्विअर्थी गाने बनते हैं. इस तरह के गानों को बजानेवालों के खिलाफ बिहार पुलिस का अभियान वाकई काबिलेतारीफ है. मेरी आप सबसे अपील है कि बिहार पुलिस के इस मिशन में आप भी सहयोगी बनें. न ऐसे गाने बजाएं और न ही किसी को बजाने दें.

वहीं, द माउंटेन मैन, उम्मीद, रोमांटिक टुकड़े, गुलमोहर, करियट्ठी सहित दर्जनों फिल्म व शोज से नाम कमाने वाली अभिनेत्री स्नेहा पल्लवी ने भी फूहड़ गानों से समाज में बढ़ रही अश्लीलता पर आवाज उठाई है. स्नेहा ने कहा कि वल्गर गानों के खिलाफ बिहार पुलिस का अभियान काबिलेतारीफ है. मेरी भी आप सबसे अपील है कि बिहार पुलिस के इस मिशन में साथ आएं. न ऐसे गाने बजाएं और न ही किसी को बजाने दें.

इंफ्लुएंसर्स ने भी फूहड़पन के खिलाफ उठाई आवाज

भाषा कोई भी हो फूहड़पन के खिलाफ सबको आगे आना होगा

फैशन डिजाइनर नीतीश चंद्रा ने भी इस पहल में शामिल होते हुए लिखा है कि बिहार पुलिस की यह बहुत अच्छी पहल है. अश्लील गाने किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे सभी ज्यादा परेशान महिलाएं ही होती हैं. सबको मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी. पटना के कई इंफ्लुएंसर भी इस मुहिम में शामिल हुए हैं. इन सबने भोजपुरी गानों के जरिए समाज में फैली अश्लीलता पर अपनी आवाज उठाई है.

मूलरूप से सिवान निवासी सलोनी सिंह पटना में रहकर अपने ब्लॉग के जरिए बिहार की खूबसूरती से लोगों को रूबरू कराती हैं. भोजपुरी गानों में बढ़ती अश्लीलता पर अपनी आवाज बुलंद करती हुईं सलोनी भी इस मुहिम में शामिल हुईं हैं. वीडियो शेयर करती हुईं सलोनी सिंह ने लोगों से अपील की है कि ऐसे गाने न बजायें और न ही किसी को बजाने दें. वहीं, लाइफस्टाइल और ट्रैवल के क्षेत्र में बेहतर कर रहीं इंफ्लुएंसर करिश्मा भारद्वाज भी विभिन्न भाषाओं के गानों में आ रही वल्गारिटी को लेकर परेशान हैं. अपनी बात रखते हुए करिश्मा ने कहा है कि सार्वजनिक जगहों पर दोहरे मीनिंग वाले भोजपुरी, मगही, मैथिली, हिंदी गानों के प्रसारण पर पूरी तरह से रोकथाम हेतु मैन भी बिहार पुलिस के साथ हूं.

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डीजीपी का सख्त निर्देश, किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जाएगी अश्लीलता

बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पिछले दिनों मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में सबसे अपील की थी कि अश्लीलता के खिलाफ हम सभी को मिलकर कड़े कदम उठाने होंगे. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि किसी भी रूप में अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. छोटे-छोटे आयोजनों में अश्लील गानों पर नृत्य होना इसीलिए संभव होता है, क्योंकि लोग इसे सुनना चाहते हैं. अगर महिलाएं खुलकर ऐसे गानों और आयोजनों के खिलाफ आवाज उठाएं, तो इन्हें रोकने में आसानी होगी है. उन्होंने कहा कि स्टेज पर डांस के नाम पर बढ़ती अश्लीलता के खिलाफ महिलाओं को खुद खड़े होकर विरोध करना चाहिए.

बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से अश्लील भोजपुरी गानों के प्रसारण रोकने के लिए सभी जिलों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है. अश्लील गीतों का प्रसारण करते हुए पकड़े जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर विधि-सम्मत कार्रवाई करने का निर्देश सभी क्षेत्रीय आइजी-डीआइजी को दिया गया है. मुख्यालय की ओर से कहा गया है कि इस प्रकार के गीतों के प्रसारण से महिलाओं की सुरक्षा एवं गरिमा प्रभावित होती है. महिलाएं कहीं न कहीं असुरक्षित और लज्जा का अनुभव करती हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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