पटना: जदयू के चार बागी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, राहुल शर्मा, नीरज कुमार बबलू और रवींद्र राय ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के सामने बारी-बारी से अपना पक्ष रखा. सभी ने कहा कि वे मॉनसून सत्र के बाद जवाब देंगे, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने 27 जून को ही अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी.
अब 27 जून को फैसला होगा कि इन चारों विधायकों की सदस्यता खत्म होगी या फिर इन्हें जवाब देने के लिए और समय दिया जायेगा. इन दिन इन चारों को अपने-अपने लीगल एडवाइजर के साथ उपस्थित होने को कहा गया है.
बिहार विधानसभा अध्यक्ष कक्ष में आयोजित सुनवाई में सबसे पहले ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, उनके बाद राहुल शर्मा, नीरज कुमार सिंह और फिर रवींद्र राय ने नोटिस पर अपना पक्ष रखा. सुनवाई करीब दो घंटे तक चली. सुनवाई के बाद विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि हम सभी ने जवाब देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी से समय मांगा है. 27 जून से विधानमंडल की कार्यवाही शुरू होने जा रही है. ऐसे में हम जनप्रतिनिधि होने के नाते जन समस्याओं को भी उठायेंगे. इसलिए हमें मॉनसून सत्र के बाद का समय दिया जाये, ताकि हम सभी पहलुओं पर जानकारी लेकर और तैयारी कर अपना जवाब दे सकें. ज्ञानू ने कहा कि अब विधानसभा अध्यक्ष 27 जून को होने वाली सुनवाई में ये बतायेंगे कि उन्होंने हमारी मांगों को माना है या नहीं. पार्टी से अलग होने के सवाल पर उन्होंने साफ कहा कि वह पार्टी नहीं छोड़ेंगे.
सुनवाई के समय विस अध्यक्ष के साथ संसदीय कार्य मंत्री सह शिकायतकर्ता श्रवण कुमार और विधानसभा के सचिव हरे राम मुखिया मौजूद थे. इनके अलावा जदयू के बागी विधायक दिनेश कुशवाहा, मदन सहनी, पूनम देवी, अजीत कुमार और राजू कुमार सिंह भी मौजूद थे.
