पटना: जदयू अध्यक्ष शरद यादव को आज बिहार से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया लेकिन दो अन्य सीटों पर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों को जदयू के ही बागियों और भाजपा के समर्थन वाले निर्दलीय प्रत्याशियों से कडी चुनौती का सामना करना पड रहा है.
आज अपराह्न 3 बजे नाम वापसी की सीमा समाप्त होने के बाद विधानसभा सचिव हरेराम मुखिया ने लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान द्वारा खाली की गयी सीट पर शरद यादव को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया. पासवान ने लोकसभा चुनाव में जीत के बाद सीट छोडी है. बिहार में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए निर्वाचन अधिकारी मुखिया ने यहां संवाददाताओं से कहा कि दो अन्य सीटों के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं.
दोनों सीटों के लिए जदयू के अधिकृत उम्मीदवारों में राजनयिक से नेता बने पवन वर्मा और गुलाम रसूल बलयावी हैं. दोनों को निर्दलीय उम्मीदवार अनिल शर्मा और जदयू से ही निष्कासित साबिर अली से चुनौती मिल रही है. शर्मा और अली को जदयू के बागियों और विपक्षी भाजपा के लोगों से समर्थन मिल रहा है. ये सीटें भाजपा के राजीव प्रताप रुडी और राजद छोडकर भाजपा में आये रामकृपाल यादव के लोकसभा चुनाव में जीतने के बाद खाली हुई हैं जिनके लिए 19 जून को चुनाव होना है.
पार्टी में बगावत के चलते राज्य में डेरा डाले शरद यादव ने निर्वाचन अधिकारी से प्रमाणपत्र नहीं लिया. उनकी जगह संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने यादव का प्रमाणपत्र प्राप्त किया. हालांकि कुमार ने इसे असामान्य नहीं माना. उन्होंने कहा, ‘‘पहले भी मैंने बिहार से राज्यसभा में निर्वाचित हुए जॉर्ज फर्नाडीज का प्रमाणपत्र प्राप्त किया था.’’
