काश! पूरे शहर में होती ऐसी व्यवस्था

पटना: गर्दनीबाग में अंडर ग्राउंड केबल की खराबी के चलते भले ही चार दिन से इनसे जुड़े इलाकों में हाहाकार हो, मगर शहर का एक ऐसा भी फीडर भी है, जिसके गड़बड़ होने पर संबंधित इलाके में पांच मिनट भी बिजली नहीं कटती. ऐसा इसलिए क्योंकि इस इलाके में शहर के तमाम वीआइपी लोग रहते […]

पटना: गर्दनीबाग में अंडर ग्राउंड केबल की खराबी के चलते भले ही चार दिन से इनसे जुड़े इलाकों में हाहाकार हो, मगर शहर का एक ऐसा भी फीडर भी है, जिसके गड़बड़ होने पर संबंधित इलाके में पांच मिनट भी बिजली नहीं कटती.

ऐसा इसलिए क्योंकि इस इलाके में शहर के तमाम वीआइपी लोग रहते हैं. इससे जुड़े इलाके में राजभवन, विधानमंडल, पुराना सचिवालय एवं मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों का आवास पड़ता है. इस वीवीआइपी फीडर का नाम है सिंचाई भवन. दुर्भाग्य से शुक्रवार की दोपहर यह फीडर ब्रेकडाउन पर चला गया, मगर मजाल है कि पांच मिनट भी इलाके में बिजली गुल हो जाये. बिजली कंपनी या पेसू के अधिकारी भले ही दूसरे फीडरों की गड़बड़ी को नजरअंदाज कर दें, मगर इस फीडर की हल्की-सी गड़बड़ी भी चंद सेकेंड में उनके पूरे शरीर को पसीने

से तर-बतर कर देती है.
चार सोर्स से मिलती है बिजली : सिंचाई भवन फीडर जक्कनपुर सब स्टेशन से जुड़ा है. इसकी वीवीआइपी स्थिति को देखते हुए उसे चार सोर्स से जोड़ा गया है. शुक्रवार को हुई गड़बड़ी के बाद तत्काल उसे खगौल वन फीडर से बिजली दी गयी. इसके अलावा जक्कनपुर के 33 केवीए, टेलिकॉम फीडर और पेसू सेवन फीडर से भी इसे जोड़ रखा गया है. फीडरों को जोड़ने की यह व्यवस्था पूरे शहर में लागू करनी थी, मगर वीवीआइपी सिंचाई भवन फीडर को छोड़ दूसरे किसी फीडर में ऐसी व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो सकी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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