भारतीय हॉकी टीम की नई भगवा जर्सी पर विवाद, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल

Indian Hockey Team Saffron Jersey Controversy: भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी अब नए भगवा रंग में दिखाई देगी. हॉकी इंडिया ने एफआईएच वर्ल्ड कप के लिए टीम की जर्सी में बदलाव की घोषणा की है. जर्सी के रंग को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है. विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं.

Indian Hockey Team Saffron Jersey Controversy: भारतीय हॉकी टीम की पहचान रही नीली जर्सी अब नए रंग में नजर आएगी. भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने होने वाले एफआईएच वर्ल्ड कप में भगवा रंग की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेंगी. हॉकी इंडिया ने गुरुवार को साफ किया कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला किसी राजनीतिक या अन्य वजह से नहीं, बल्कि तकनीकी कारणों से लिया गया है.

प्रियंका गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि

चाहे यूनिफॉर्म का रंग बदला जाए या शिक्षा नीति के माध्यम से इतिहास को नए तरीके से पेश करने की कोशिश की जाए, देश के युवा अपनी राय स्पष्ट कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जुटे युवाओं की आवाज ही देश की असली आवाज है. उन्होंने कहा कि भारत का स्वतंत्रता आंदोलन अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों पर आधारित था और इसमें आरएसएस की कोई भूमिका नहीं थी. प्रियंका गांधी ने दावा किया कि यह सच्चाई पूरा देश जानता है और अब अधिक लोग इसे समझने लगे हैं. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन का संचालन किया था और भारत की मूल भावना अहिंसा, सत्य और भाईचारे में निहित है.

नीली जर्सी से मैदान पर विजिबिलिटी की समस्या

हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की जर्सी का रंग इसलिए बदला है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी के मैदान अब ज्यादातर नीले रंग के होते हैं. पहले भारतीय टीम की जर्सी भी नीली होने के कारण मैदान के रंग से मिल जाती थी, जिससे खिलाड़ियों को पहचानना और उनकी मूवमेंट देखना मुश्किल हो जाता था. खिलाड़ियों और कोचों की सलाह के बाद, मैदान पर खिलाड़ियों की साफ दृश्यता और खेल को बेहतर बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है.

भगवा रंग क्यों चुना गया?

हॉकी इंडिया ने बताया कि नीले रंग के विकल्प के तौर पर पीले और भगवा रंग पर विचार किया गया था. बेहतर विजुअल इफेक्ट और भारतीय पहचान को ध्यान में रखते हुए भगवा रंग को अंतिम रूप दिया गया. फेडरेशन ने कहा कि भगवा भारत के राष्ट्रीय ध्वज का एक महत्वपूर्ण रंग है, जो साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है. इसलिए तकनीकी जरूरत के साथ-साथ इस रंग का भावनात्मक महत्व भी है.

सोशल मीडिया पर हुआ था विरोध

नई जर्सी की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं. कुछ यूजर्स ने पारंपरिक नीले रंग को बदलने पर सवाल उठाए थे. विवाद बढ़ने के बाद हॉकी इंडिया ने विस्तृत बयान जारी कर बदलाव की वजह बताई. फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय खेल की गुणवत्ता और खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है.

वर्ल्ड कप में नई किट के साथ उतरेगी टीम

भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच वर्ल्ड कप में नई भगवा जर्सी पहनेंगी. टीम की नई किट में सफेद रंग की जर्सी भी शामिल होगी, जिसमें वही नया डिजाइन नजर आएगा. भारतीय हॉकी टीम की नीली जर्सी लंबे समय से उसकी पहचान रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हॉकी के बदलते माहौल और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए अब टीम नए रंग के साथ नई शुरुआत करेगी.

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By ऋतु राज

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

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