अमेरिका के एक्टिंग अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा-शूटर की जांच चल रही है, उसपर कई चार्ज लगेंगे

White House Shooting : व्हाइट हाउस में आयोजित डिनर पार्टी में हुई फायरिंग ने पूरे अमेरिका में तहलका मचा रखा है. इतने प्रतिष्ठित कार्यक्रम में फायरिंग करने वाला व्यक्ति आखिर चाहता क्या है? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए जांच चल रही है.

White House Shooting : व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर पार्टी में हुई फायरिंग के बारे में जानकारी देते हुए अमेरिका के एक्टिंग अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि इस फायरिंग में शामिल शूटर के खिलाफ जल्दी ही चार्ज फाइल किए जाएंगे. उन्होंने यह जानकारी दी कि अभी शूटर की जांच चल रही है. ब्लैंच ने बताया कि आरोपी पर कई चार्ज लगेंगे, जिसमें शूटिंग और गैर-कानूनी तरीके से हथियार रखने से जुड़े चार्ज भी शामिल हैं.

लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों ने बेहतरीन काम किया

जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि फेडरल लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां ​​इस केस पर एक्टिवली काम कर रही हैं. जांच चल रही है. मुझे उम्मीद है कि आप जल्द ही चार्ज फाइल होते देखेंगे. जैसा व्यवहार शूटर ने किया है, उससे यह स्पष्ट है कि उसपर किस तरह के चार्ज लगाए जाएंगे. ब्लैंच ने कहा कि यह घटना देश के सबसे बुरे और सबसे अच्छे दोनों पहलुओं को दिखाती है, उन्होंने हमले के साथ-साथ लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के तुरंत जवाबी काम करने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हम लॉ एनफोर्समेंट के उन पुरुषों और महिलाओं के बहुत आभारी हैं उनकी तारीफ करने वाले हैं जिन्होंने आज रात अपना काम किया.

शूटर की मंशा अबतक स्पष्ट नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की पार्टी में फायरिंग करने वाले शूटर की मंशा क्या थी? उसने आखिर फायरिंग क्यों की, क्या कोई राजनीतिक वजह थी या फिर उसने किसी व्यक्तिगत वजहों से ऐसा किया, इसकी जानकारी नहीं मिली है. शूटर कोले टॉमस एलन साॅफ्टवेयर डेवलप करने का काम करता है.

ये भी पढ़ें : ट्रंप की पार्टी में गोली चलाने वाला आरोपी कोले टॉमस एलन पेशे से इंजीनियर, गेम डेवलपर के रूप में करता था काम

मन की बात : पीएम मोदी ने कहा- विश्व की सबसे बड़ी जनगणना अपने देश में शुरू हो चुकी है, इसे सफल बनाएं

RR के असिस्टेंट कोच विक्रम राठौर ने वैभव सूर्यवंशी को बताया स्पेशल खिलाड़ी, कहा- उसकी चोट बहुत गंभीर नहीं

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >