Argentina Malvinas banner controversy: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए मालविनास (Falkland Islands) से जुड़े बैनर को लेकर विवाद अब नया मोड़ ले चुका है. इस मामले में अमेरिका के व्हाइट हाउस ने अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के अभिव्यक्ति के अधिकार का समर्थन किया है. हालांकि फीफा इस पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है और अभी तक किसी भी संभावित कार्रवाई पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल से पहले यह मुद्दा फुटबॉल जगत में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.
व्हाइट हाउस ने क्या कहा
व्हाइट हाउस की फीफा वर्ल्ड कप 2026 टास्क फोर्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्काई न्यूज के खेल संवाददाता रॉब हैरिस ने अमेरिकी प्रशासन से सवाल किया कि क्या अर्जेंटीना के खिलाड़ियों द्वारा स्टेडियम में राजनीतिक संदेश दिखाना अनुचित था? इसके जवाब में टास्क फोर्स के कार्यकारी निदेशक एंड्रयू गिउलियानी ने खिलाड़ियों के अधिकारों का बचाव किया. उन्होंने अमेरिका के संविधान में दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका में लोगों को अपनी बात रखने की आजादी है. उन्होंने कहा, “हम अमेरिका में अपने फर्स्ट अमेंडमेंट अधिकारों में विश्वास करते हैं. यह एक शानदार फाइनल होने वाला है और अमेरिका में लोगों को अपने विचार व्यक्त करने का अवसर और अधिकार है.” हालांकि अमेरिकी अधिकारी ने अर्जेंटीना के संदेश का समर्थन या विरोध करने की बजाय केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सिद्धांत पर बात की.
क्या था अर्जेंटीना का मालविनास बैनर विवाद?
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल जीतने के बाद अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ी एक बैनर के साथ नजर आए, जिस पर लिखा था, “Las Malvinas son Argentinas” (मालविनास अर्जेंटीना के हैं). मालविनास को अंग्रेजी में Falkland Islands कहा जाता है. इन द्वीपों को लेकर ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच दशकों से संप्रभुता विवाद चला आ रहा है. 1982 में दोनों देशों के बीच फॉकलैंड्स युद्ध भी हुआ था, जिसमें ब्रिटेन ने सैन्य जीत हासिल की थी. अर्जेंटीना आज भी इन द्वीपों पर अपना दावा जारी रखता है.
फीफा के नियमों के दायरे में मामला
फुटबॉल की वैश्विक संस्था फीफा मैदानों पर राजनीतिक संदेशों और प्रदर्शनों को लेकर सख्त नियम रखती है. आमतौर पर खिलाड़ियों और टीमों को ऐसे संदेशों से बचने की सलाह दी जाती है जो राजनीतिक विवाद पैदा कर सकते हैं. अर्जेंटीना के खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए बैनर के बाद फीफा ने मामले की समीक्षा शुरू की है. हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि टीम या खिलाड़ियों पर कोई जुर्माना या अन्य कार्रवाई होगी या नहीं.
फाइनल से पहले बढ़ी निगाहें
अर्जेंटीना अब रविवार को होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन का सामना करेगा. ऐसे में सभी की नजरें सिर्फ खिताबी मुकाबले पर ही नहीं बल्कि फीफा के संभावित फैसले पर भी टिकी हुई हैं. यदि फीफा इसे राजनीतिक संदेश के रूप में गंभीर उल्लंघन मानता है, तो अर्जेंटीना को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, व्हाइट हाउस के बयान के बाद यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम खेलों में राजनीति की बहस में बदल गया है. फिलहाल, वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा मुकाबला करीब है और माल्विनास विवाद का समाधान फीफा के अगले कदम पर निर्भर करेगा.
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