सागर धनखड़ हत्याकांड: पहलवान सुशील कुमार को दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत

सागर धनखड़ हत्याकांड में आरोपी ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली. अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही उनकी जमानत रद्द कर चुका है.

सागर धनखड़ हत्याकांड में आरोपी ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली. गुरुवार को अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी. न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की एकल पीठ ने जमानत याचिका को खारिज किया. हालांकि, अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार है.

सुशील कुमार ने अपने वकील साहिल मलिक के जरिए हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी. उन्होंने दलील दी थी कि मामले में परिस्थितियां बदल चुकी हैं, क्योंकि अभियोजन पक्ष के सभी प्रमुख गवाहों के बयान रोहिणी कोर्ट में दर्ज हो चुके हैं. इससे अब उनके द्वारा गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका नहीं है. इससे पहले 6 फरवरी को रोहिणी कोर्ट भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी थी जमानत

याचिका में कहा गया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष के 222 गवाह हैं. इनमें से 42 अहम गवाहों, जिनमें घायल लोग भी शामिल हैं, उनके बयान दर्ज हो चुके हैं. बचाव पक्ष ने दलील दी है कि अब सुशील कुमार को जेल में रखने की जरूरत नहीं है. साथ ही, लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रहने से उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है.

ये भी पढ़ें: U-19 वर्ल्ड कप विजेता मनजोत कालरा को कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज

मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुशील कुमार को नियमित जमानत दी थी, लेकिन 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए जमानत रद्द कर दी कि उस समय कई महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी थे. इसके बाद सुशील कुमार ने 20 अगस्त 2025 को आत्मसमर्पण कर दिया था.

क्या है मामला?

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 4 और 5 मई 2021 की दरम्यानी रात सागर धनखड़ और उनके साथियों का कथित रूप से अपहरण कर उन्हें दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम की पार्किंग में ले जाया गया, जहां सुशील कुमार और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर उनकी पिटाई की. गंभीर रूप से घायल सागर धनखड़ की इलाज के दौरान मौत हो गई. सुशील कुमार भारत के सबसे सफल पहलवानों में गिने जाते हैं. उन्हें अर्जुन पुरस्कार (2005), राजीव गांधी खेल रत्न (2009) और पद्म श्री (2011) से सम्मानित किया जा चुका है.

ये भी पढ़ें: हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पूर्व क्रिकेटर शाकिब अल हसन के घर हमला, आग लगाने की कोशिश


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By उज्जवल सिन्हा

उज्जवल कुमार सिन्हा | स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट

उज्जवल कुमार सिन्हा एक अनुभवी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं और पिछले छह वर्षों से खेल पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर के स्पोर्ट्स सेक्शन में लीड की भूमिका निभा रहे हैं, जहां कंटेंट प्लानिंग, SEO-आधारित डिजिटल कंटेंट, एक्सप्लेनर, डेटा-ड्रिवन स्टोरी, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट, लाइव कवरेज और प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की डिजिटल रणनीति से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते हैं.

पत्रकारिता का अनुभव

अपने करियर के दौरान उज्जवल ने क्रिकेट, फुटबॉल, प्रो कबड्डी लीग, महिला क्रिकेट, रणजी ट्रॉफी, झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) और अन्य प्रमुख खेल आयोजनों की व्यापक कवरेज की है. वह मैच रिपोर्ट, खिलाड़ियों की प्रोफाइल, रिकॉर्ड्स एवं आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण, एक्सप्लेनर, विशेष फीचर स्टोरी और खेल जगत से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन करते हैं. उनकी विशेष रुचि डेटा-आधारित खेल विश्लेषण और जटिल खेल विषयों को सरल एवं रोचक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में है.

पेशेवर सफर

प्रभात खबर से पहले उज्जवल नवभारत, CricTracker, स्पोर्ट्स तक (इंडिया टुडे ग्रुप), जनसत्ता और एपीएन न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खिलाड़ियों, कोचों, खेल प्रशासकों और स्पोर्ट्स कमेंटेटरों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं. डिजिटल पत्रकारिता, रियल-टाइम न्यूज कवरेज, SEO रणनीति और ऑडियंस-केंद्रित कंटेंट निर्माण उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल हैं.

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

शैक्षणिक रूप से उज्जवल ने संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से मास कम्युनिकेशन में स्नातक तथा सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है.

खेल से जुड़ाव

पत्रकारिता में आने से पहले उज्जवल स्वयं क्रिकेट खेल चुके हैं और बिहार स्टेट क्रिकेट कैंप का हिस्सा रहे हैं. मैदान पर खेलने का यह अनुभव उन्हें खेल की तकनीकी बारीकियों, खिलाड़ियों की मानसिकता, रणनीति और मैच परिस्थितियों को गहराई से समझने में मदद करता है. यही अनुभव उनकी रिपोर्टिंग और विश्लेषण को अधिक सटीक, तथ्यपरक और विश्वसनीय बनाता है.

लेखन शैली और दृष्टिकोण

उज्जवल की पत्रकारिता शैली शोध-आधारित, तथ्यपरक और डेटा-समर्थित रिपोर्टिंग पर केंद्रित है. उनका उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि खेल से जुड़ी हर महत्वपूर्ण घटना के पीछे की कहानी, संदर्भ और आंकड़ों को विश्वसनीय तथा सरल रूप में पाठकों तक पहुंचाना है. खेल पत्रकारिता में उनकी पहचान गहन रिसर्च, सटीक विश्लेषण, एक्सक्लूसिव कंटेंट और पाठक-केंद्रित लेखन के लिए है.

विशेषज्ञता (Expertise)

  • क्रिकेट (अंतरराष्ट्रीय और घरेलू)

  • फुटबॉल

  • प्रो कबड्डी लीग

  • महिला क्रिकेट

  • IPL, रणजी ट्रॉफी, JPL एवं अन्य घरेलू टूर्नामेंट

  • डेटा-आधारित खेल विश्लेषण

  • एक्सप्लेनर एवं फीचर स्टोरी

  • SEO-आधारित डिजिटल कंटेंट

  • स्पोर्ट्स कंटेंट प्लानिंग

  • एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

  • रिकॉर्ड्स, आंकड़े एवं रिसर्च आधारित रिपोर्टिंग

  • लाइव स्पोर्ट्स कवरेज एवं डिजिटल ऑडियंस रणनीति

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >