टीम इंडिया की कप्तानी के लिए तैयार हैं स्मृति मंधाना, खुलकर जताई इच्छा

Smriti Mandhana captaincy statement: स्मृति मंधाना ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी संभालने की इच्छा जताई है. जानिए उनकी कप्तानी की सोच और हरमनप्रीत पर क्यों उठ रहे सवाल.

Smriti Mandhana captaincy statement: स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी संभालने की अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वह इस जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं. मंधाना ने अपनी कप्तानी की सोच भी साझा की, जिसमें सकारात्मक टीम कल्चर को प्राथमिकता देना शामिल है. मंधाना का यह बयान ऐसे समय आया है जब मौजूदा कप्तान हरमनप्रीत कौर के भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि हरमनप्रीत ने 2025 में भारत को ऐतिहासिक वनडे विश्व कप का खिताब दिलाया था, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी हालिया फॉर्म सवालों के घेरे में रही है. उनकी बढ़ती उम्र और प्रदर्शन को देखते हुए कई पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें शिखर पर रहते हुए संन्यास लेने और टीम की कमान स्मृति मंधाना को सौंपने की सलाह भी दी है.

कप्तानी के सवाल पर मंधाना का स्पष्ट जवाब

एक इंटरव्यू में जब स्मृति मंधाना से पूछा गया कि क्या वह भारतीय टीम की कप्तानी संभालने के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के कहा, "हां, बिल्कुल. मैं तैयार हूं." 30 वर्षीय मंधाना इस समय अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं. माना जा रहा है कि वह अगले चार से पांच वर्षों तक भारतीय टीम का नेतृत्व करने की क्षमता रखती हैं. पिछले कुछ वर्षों में वह हरमनप्रीत कौर की डिप्टी रही हैं और टीम के नेतृत्व समूह का अहम हिस्सा रही हैं.

कप्तानी में टीम कल्चर को देंगी प्राथमिकता

मंधाना ने अपनी कप्तानी की सोच भी साझा की. उनका मानना है कि किसी भी सफल टीम की सबसे बड़ी ताकत सकारात्मक माहौल होता है. उन्होंने कहा, "मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज एक सकारात्मक टीम कल्चर बनाना है. हर खिलाड़ी को अपनी बात खुलकर रखने और खुद जैसा बनने की आजादी मिलनी चाहिए. जब खिलाड़ियों को सम्मान और भरोसा मिलता है, तो उनका प्रदर्शन भी बेहतर होता है." मंधाना का मानना है कि भरोसे और खुले संवाद का माहौल खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है और टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाता है.

हरमनप्रीत पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं. उन्होंने 2025 में भारत को पहली बार महिला वनडे विश्व कप जिताकर इतिहास रचा. हालांकि टी20 क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी पहले जैसी प्रभावी नहीं रही है. कुछ अहम मुकाबलों में उन्होंने शानदार पारियां जरूर खेली हैं, लेकिन लगातार प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण उनकी टीम में जगह और कप्तानी दोनों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. खुद हरमनप्रीत कई बार इन अटकलों को खारिज कर चुकी हैं, लेकिन टीम में बदलाव और भविष्य के नेतृत्व को लेकर चर्चा अभी भी जारी है.

यास्तिका भाटिया की वापसी में निभाई अहम भूमिका

इंटरव्यू के दौरान स्मृति मंधाना ने विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया के साथ अपने रिश्ते और उनके कठिन दौर का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि एसीएल (ACL) चोट के बाद यास्तिका मानसिक रूप से काफी कठिन दौर से गुजर रही थीं, खासकर इसलिए क्योंकि यह चोट घरेलू विश्व कप से पहले लगी थी. मंधाना ने कहा, "घुटने की कोई भी चोट किसी खिलाड़ी के लिए बेहद मुश्किल होती है. यास्तिका के मामले में यह घरेलू विश्व कप से पहले हुई, जिससे स्थिति और कठिन हो गई थी. मैंने उन्हें बताया कि 2017 में मेरी अपनी ACL चोट ने मुझे एक खिलाड़ी और इंसान दोनों के रूप में मजबूत बनाया. मेरी कुछ बेहतरीन क्रिकेट उसी चोट के बाद आई. मुझे लगा कि मेरी कहानी उन्हें प्रेरित करेगी और रिहैबिलिटेशन के दौरान उनका आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद करेगी." गौरतलब है कि यास्तिका भाटिया ने चोट से वापसी के बाद इंग्लैंड के खिलाफ हालिया लॉर्ड्स टेस्ट में शानदार शतक लगाकर अपनी वापसी का दमदार संकेत दिया.

महिला क्रिकेट में बदलाव के दौर की आहट

स्मृति मंधाना के इस बयान को भारतीय महिला क्रिकेट में संभावित नेतृत्व परिवर्तन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. वह लंबे समय से टीम की उपकप्तान हैं, दो बार महिला प्रीमियर लीग (WPL) का खिताब जीत चुकी हैं और खिलाड़ियों के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.


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Published by: ऋतु राज

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

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