Sanju Samson On Rohit Sharma: भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने टूर्नामेंट से जुड़ा एक दिलचस्प खुलासा किया है. सैमसन ने बताया कि जब रोहित शर्मा ने उनसे कहा था कि वर्ल्ड कप में उनकी अहम भूमिका होगी, तब उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं हुआ था.
संजू सैमसन ने 'जियोस्टार' से बातचीत में कहा कि न्यूजीलैंड सीरीज के बाद वह मानसिक रूप से काफी निराश थे और टीम से बाहर होने का असर उन पर साफ नजर आ रहा था. उन्होंने कहा, “सच कहूं तो उस समय मुझे उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ. हो सकता है कि उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर यह कहा हो, लेकिन उस दिन मैं वह नहीं देख पा रहा था जो वह देख रहे थे. मैं थोड़ा परेशान था और यह मेरे चेहरे पर भी साफ दिख रहा था.”
टीम से बाहर होने के बाद टूट गया था आत्मविश्वास
सैमसन ने बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज में बाहर होने की निराशा टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती दौर तक उनके साथ रही. उन्होंने कहा कि आमतौर पर किसी दौर से उबरने में उन्हें समय लगता है और इस बार भी ऐसा ही हुआ. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड सीरीज खत्म होने के दो दिन बाद ही हमारा वर्ल्ड कप अभियान शुरू हो गया था. मुझे उबरने में कम से कम एक सप्ताह लगता है. मैं अपनी भावनाओं को छिपाने वालों में नहीं हूं, इसलिए जब मैं पूरी तरह ठीक महसूस नहीं कर रहा होता हूं तो यह मेरे चेहरे पर दिख जाता है. मुझे फिर से सामान्य होने में चार-पांच दिन लगे.
आत्मचिंतन ने बदल दी सोच
केरल के 31 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा कि यह कठिन दौर उनके लिए आत्मचिंतन का अवसर बन गया. उन्होंने खुद से सवाल पूछना शुरू किया कि वह क्रिकेट क्यों खेलते हैं और उनका असली मकसद क्या है. सैमसन ने कहा, “जब आप असफल होते हैं तो आपके पास खुद को समझने का मौका होता है. मैंने मानसिक रूप से खुद पर काम करना शुरू किया. मैं खुद को फिर से खोज रहा था. धीरे-धीरे चीजें वापस पटरी पर आने लगीं और मेरा आत्मविश्वास लौट आया.”
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली यादगार पारी
इस बदली हुई सोच का असर वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर फाइनल मुकाबले में देखने को मिला. सैमसन ने नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई और टीम के अभियान को नई दिशा दी. उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के बाद मैंने खुद को बेहतर तरीके से तैयार किया था. वह उन खास दिनों में से एक था जब सब कुछ सही हो रहा था. मैं सिर्फ प्रक्रिया पर ध्यान दे रहा था और चीजें अपने आप होती चली गईं.
मैच ने सिखाया बड़ा सबक
सैमसन ने बताया कि वह आमतौर पर पावरप्ले के बाद आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार विकेट गिरने के कारण उन्हें अपनी रणनीति बदलनी पड़ी. उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि यह भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण मैच है. हर बार जब मुझे लगा कि अब हमला करना चाहिए, दूसरे छोर पर विकेट गिर जाता था. तभी मुझे एहसास हुआ कि खेल ही सबसे बड़ा शिक्षक है. खेल आपको बताता है कि उस समय क्या करना जरूरी है.”
जश्न के पीछे की कहानी भी बताई
सैमसन ने अपनी भावुक प्रतिक्रिया और जश्न के बारे में भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत उपलब्धि का नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति आभार का इजहार था. उन्होंने कहा कि मैं बहुत आस्थावान हूं. मुझे पता है कि यह सिर्फ मेरी वजह से नहीं हुआ. पारी के दौरान कुछ ऐसे शॉट भी खेले जिन्हें देखकर मैं खुद हैरान रह गया. मैं सिर्फ इस बात के लिए आभारी हूं कि मैं उस दिन टीम की मदद कर सका. वह पल मेरी आखिरी सांस तक मेरे साथ रहेगा.
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