30 हजार दर्शक, ढोल-नगाड़े और हर गोल पर जश्न... मोराबादी में फुटबॉल का ऐसा जुनून देख दिल्ली भी हुई फैन

रविवार शाम मोराबादी मैदान में क्रिकेट के शहर रांची ने फुटबॉल के लिए अपना प्यार दिखाया. करीब 30,000 लोगों की भीड़ ने डूरंड कप के क्वार्टरफाइनल मैच का रोमांच दोगुना कर दिया, हर गोल पर जैसे स्टेडियम झूम उठा.

Ranchi Morabadi Football Craze: 16 अगस्त की रविवार शाम मोराबादी मैदान में कुछ अलग ही नजारा था. आमतौर पर क्रिकेट के जुनून के लिए पहचाने जाने वाले रांची में रविवार को करीब 30 हजार लोग फुटबॉल के लिए एक साथ जुटे. ढोल-नगाड़ों की गूंज, तालियों की आवाज और गोल होते ही आसमान तक पहुंचता शोर बता रहा था कि रांची के दिल में फुटबॉल के लिए भी उतनी ही जगह है.

डूरंड कप के 135वें सीजन का पहला क्वार्टरफाइनल स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली और मणिपुर की एफसी रेंगदाई के बीच था. मैदान पर दोनों टीमों के 22 खिलाड़ी मुकाबला कर रहे थे, लेकिन असली रोमांच स्टैंड्स में भी था. हर पास पर तालियां बज रही थीं, हर अच्छे मूव पर शोर हो रहा था और गोल होते ही हजारों दर्शक अपनी सीटों से खड़े होकर झूम रहे थे.

क्वार्टर फाइनल का उद्घाटन करते हुए झारखंड के राज्यपाल (फोटो- सोशल मीडिया)

मुकाबले का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया. मैच शुरू होने के बाद भी दर्शकों के स्टेडियम पहुंचने का सिलसिला नहीं रुका. पहले हाफ तक स्टैंड्स भरते रहे और देखते ही देखते मोराबादी दर्शकों से खचाखच भर गया.

हर पास पर तालियां, हर गोल पर झूम उठा मोराबादी

मुकाबले की खास बात यह रही कि दर्शक किसी एक टीम के साथ नहीं थे. दिल्ली का हमला हो या रेंगदाई का काउंटर अटैक, फैंस हर अच्छे मूव पर तालियों और शोर के साथ खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहे. मैदान पर जब कोई खिलाड़ी शानदार पास देता, गेंद गोलपोस्ट के करीब पहुंचती या कोई बेहतरीन टैकल होता, तो स्टैंड्स से आवाज गूंज उठती. लेकिन जैसे ही गोल हुआ, पूरा मोराबादी स्टेडियम एक साथ झूम उठा.

रेंगदाई ने 9वें मिनट में किशन सिंह के गोल से बढ़त बनाई तो उसके समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया. दिल्ली के खिलाड़ी पहले हाफ में बराबरी के लिए संघर्ष करते रहे. लेकिन दूसरे हाफ में जैसे ही दिल्ली ने वापसी शुरू की, स्टेडियम का माहौल भी बदल गया.

दिल्ली का पहला गोल और बदल गया पूरा माहौल

57वें मिनट में जोसेफ सन्नी ने दिल्ली के लिए बराबरी का गोल दागा. इसके बाद जो हुआ, वह इस मुकाबले की सबसे खास तस्वीरों में से एक रहा. दिल्ली के गोल के साथ ही दर्शकों की आवाज कई गुना बढ़ गई. इसके बाद 67वें मिनट में जोसेफ सन्नी ने अपना दूसरा गोल किया. दिल्ली 2-1 से आगे हुई तो मोराबादी में बैठे दर्शक सीटों से उठकर झूमने लगे. 81वें मिनट में रोड्रिगो अराउजो डा सिल्वा फिल्हो ने तीसरा गोल दागा तो दिल्ली की जीत लगभग तय हो गई.

इसके बाद इंजरी टाइम में जुआन सेबेस्टियन पेना बरमूडेज और ऑगस्टीन लालरोचना ने गोल कर दिल्ली की जीत को 5-1 कर दिया. हर गोल के साथ स्टैंड्स में जश्न का शोर और तेज होता गया.

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दिल्ली के 12वें खिलाड़ी बन गए रांची के फैंस

दिल्ली ने मैच 5-1 से जीता, लेकिन जीत के बाद खिलाड़ियों के चेहरे पर सिर्फ अपनी जीत की खुशी नहीं थी. खिलाड़ियों ने रांची के दर्शकों की ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया और उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.

मैच खत्म होने के बाद दिल्ली के खिलाड़ी पूरे मैदान का चक्कर लगाने निकले. स्टैंड्स में मौजूद फैंस भी अपनी सीटों से खड़े होकर खिलाड़ियों का अभिवादन करने लगे. खिलाड़ियों और दर्शकों के बीच यह नजारा कुछ देर तक चलता रहा. ऐसा लग रहा था जैसे दिल्ली की जीत में रांची के फैंस भी हिस्सेदार हों. जिस तरह से दर्शकों ने दूसरे हाफ में दिल्ली का हौसला बढ़ाया, उसने मुकाबले के माहौल को पूरी तरह बदल दिया.

क्रिकेट के शहर में फुटबॉल का ऐसा जुनून कम ही दिखता है

रांची को क्रिकेट के लिए जाना जाता है. यहां महेंद्र सिंह धोनी की वजह से क्रिकेट का जुनून अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है. लेकिन रविवार को मोराबादी में करीब 30 हजार दर्शकों की मौजूदगी ने एक और तस्वीर सामने रख दी.

यहां बच्चे थे, युवा थे, परिवार थे और फुटबॉल के पुराने प्रशंसक भी. कोई दिल्ली को सपोर्ट कर रहा था तो कोई एफसी रेंगदाई के लिए चीयर कर रहा था. लेकिन जब गोल होता, पूरा स्टेडियम एक साथ जश्न में डूब जाता. डूरंड कप का क्वार्टरफाइनल भले ही दिल्ली ने जीता, लेकिन रविवार की शाम रांची के फुटबॉल प्रेम ने भी अपना एक अलग रिकॉर्ड बना दिया. मैदान पर दिल्ली ने 5-1 से जीत दर्ज की, लेकिन मोराबादी की शाम फुटबॉल के नाम रही.

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