Paris Paralympics 2024: सुमित अंतिल ने जेवलिन में जीता गोल्ड, नीरज चोपड़ा ने दिया टिप्स और रच दिया इतिहास

Paris Paralympics 2024: पेरिस पैरालम्पिक में सुमित अंतिल ने जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इसके साथ ही उन्होंने पिछले ओलंपिक में अपने गोल्ड मेडल का भी बचाव कर लिया.

Paris Paralympics 2024: सुमित अंतिल ने पेरिस पैरालम्पिक खेलों में 70.59 मीटर का नया रिकॉर्ड भी बनाया. वह पैरालंपिक खेलों में टॉप पदक का बचाव करने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गये. महिला वर्ग में हालांकि निशानेबाज अवनि लेखरा ने इस कारनामे को किया है.

Paris Paralympics 2024: नीरज चोपड़ा ने दिया था टिप्स

प्रतिस्पर्धा के दौरान कुछ भी नया न करने के नीरज चोपड़ा के संदेश ने सुमित अंतिल के लिए अद्भुत तरीके से काम किया, जिन्होंने यहां पैरालंपिक खेलों में नये रिकॉर्ड के साथ अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया. अंतिल ने कहा कि वह और नीरज महीने में कम से कम एक बार एक-दूसरे से बातचीत करते हैं. दोनों खिलाड़ी खेल में सुधार करने के बारे में चर्चा करते है. उन्होंने कहा, मैंने पेरिस खेलों से पहले नीरज भाई से व्यक्तिगत रूप से बात नहीं की थी. मुझे किसी (अंतिल के एथलीट मैनेजर) के माध्यम से नीरज भाई का संदेश मिला. उन्होंने कहा कि (पेरिस में) बहुत अच्छा माहौल है और वहां अच्छा माहौल है लेकिन कुछ नया करने की कोशिश मत करना. मैंने उनकी सलाह मान ली और पेरिस पैरालंपिक में मेरे लिए वास्तव में एक अच्छा अनुभव था. उन्होंने कहा, मैं और नीरज भाई एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं, पंद्रह दिन या महीने में एक बार उनसे बातचीत होती रहती है. जब भी हम एक-दूसरे से बात करते हैं, तो यह हमारे खेल के बारे में होता है, जैसे हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते रहना चाहिए और देश का नाम रोशन करना चाहिए.

नीरज ने अंतिल को क्यों दी ऐसी सलाह

अंतिल से जब पूछा गया कि नीरज ने उन्हें इस तरह की सलाह क्यों दी तो उन्होंने कहा, इतने बड़े स्तर पर खिलाड़ी घबराहट महसूस कर सकते हैं और तकनीकों पर ध्यान केंद्रित रखना मुश्किल होता है. उसके (नीरज) मन में कुछ तो चल रहा होगा और वह नहीं चाहता कि मैं उन चीजों को झेलूं. उन्होंने कहा, कभी-कभी ऐसा होता है कि आपने अभ्यास के दौरान जिस तकनीक पर काम किया है, वह (प्रतियोगिता के दौरान) सामने नहीं आती है. भाला फेंक एक ऐसी प्रतियोगिता है जिसमें तकनीक बहुत महत्वपूर्ण है.

ये है अंतिल का अगला लक्ष्य

अंतिल का लक्ष्य 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक में स्वर्ण पदक की हैट्रिक पूरा करना है. विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के 2023 और 2024 के चैम्पियन ने कहा, एक बार शीर्ष पर पहुंचना आसान है लेकिन शीर्ष पर बने रहना बहुत कठिन है. लेकिन मैं अगले साल भारत में होने वाली विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसी शीर्ष प्रतियोगिताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं. अभी मेरा ध्यान उसी पर है. उन्होंने कहा, मेरा लक्ष्य भविष्य में 80 मीटर की दूरी को छूना है. मैं उस दूरी को पार करने का अनुभव लेना चाहता हूं.

मोटरसाईकिल दुर्घटना में अंतिल ने गंवाया था अपना पैर

हरियाणा के सोनीपत के 26 साल के इन विश्व रिकॉर्डधारी भाला फेंक खिलाड़ी ने 2015 में मोटरसाईकिल दुर्घटना में अपना एक पैर गंवा दिया था. उन्होंने तीन साल पहले टोक्यो पैरालंपिक में 68.55 मीटर के पैरालंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था. उनका विश्व रिकॉर्ड 73.29 मीटर का है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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